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CG : नेशनल लोक अदालत में 95 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण

By kadwaghut|10 May 2026, 1:34 PM
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गरियाबंद, जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद सहित जिले के सभी व्यवहार एवं राजस्व न्यायालयों में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत में कुल 95 हजार 326 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 85 लाख 86 हजार 538 रुपये की राशि का एवार्ड एवं रिकवरी कराई गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर बलराम प्रसाद वर्मा के निर्देशानुसार आयोजित लोक अदालत में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गरियाबंद एवं तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष बी.आर. साहू, अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी गरियाबंद गंगा पटेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गरियाबंद कु. खुशबू जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी देवभोग कांची अग्रवाल तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजिम अंशुल वर्मा की खंडपीठों में विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया।

बी.आर. साहू की खंडपीठ में लंबित और प्री-लिटिगेशन सहित 45 प्रकरणों का निराकरण कर 50 लाख 55 हजार 758 रुपये का एवार्ड पारित किया गया। गंगा पटेल की खंडपीठ में 42 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण कर 4 लाख 92 हजार 978 रुपये की राशि अदा कराई गई।

कु. खुशबू जैन की खंडपीठ में 415 मामलों का निराकरण कर 5 लाख 90 हजार 600 रुपये की राशि दिलाई गई। कांची अग्रवाल की खंडपीठ में 1052 प्रकरणों का निराकरण कर 6 लाख 63 हजार 770 रुपये तथा अंशुल वर्मा की खंडपीठ में 547 प्रकरणों का निराकरण कर 17 लाख 83 हजार 432 रुपये की राशि अदा कराई गई।

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इसके अलावा जिले के राजस्व न्यायालयों में 93 हजार 225 प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत के दौरान महिला एवं बाल विकास, उद्यानिकी, स्वास्थ्य विभाग, बैंक, विद्युत विभाग एवं नगरपालिका द्वारा स्टॉल लगाए गए। स्वास्थ्य परीक्षण, योजनाओं की जानकारी एवं पौधों का वितरण भी किया गया।

न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निराकरण कराने के निर्देश दिए। लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वालेंटियर्स एवं संबंधित विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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