उत्तर प्रदेशराज्‍य

4850 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की सौगात, लखनऊ-कानपुर यात्रा होगी आसान

By Admin|13 Jul 2026, 10:11 PM
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लखनऊ
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और केद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने नेवरना पड़री में फीटा काटकर उद्धाटन कर दिया है। उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे। फीता काटने के बाद उन्होंने वहां पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसके बाद सभी नेता सरोजनीनगर स्थित कैप्टन मनोज पाण्डेय उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल में आयोजित समारोह के लिए प्रस्थान कर गए। यहां से वह 51 किलोमीटर चलकर समारोह स्थल पहुंचेगे और सड़क की गुणवत्ता को भी परखेंगे। इससे पहले वह आपने आवास से लार्माटीनियर कॉलेज से हेलीकाप्टर से नेवरना पड़री पहुंचे और फीटा काटकर एलीवेटेड एक्सप्रेस वे का उद्धाटन किया। अब एक्सप्रेसवे से लखनऊ-कानपुर का सफर सिर्फ 40 मिनट में पूरा हो सकेगा।

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में राज्‍य की बेहतर सड़क संपर्क और तेज आवागमन को बढ़ावा देने के लिए 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्नाव में जिन परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्‍यास किया गया, उनमें 4,200 करोड़ रुपये की लागत से कुल 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ 6-लेन एक्सप्रेसवे (एनई-6) का निर्माण शामिल है। दूसरी हरदोई-लखनऊ सीमा से लखनऊ रिंग रोड तक चार -लेन निर्माण (एनएच-731, पैकेज-चार) है जो 541 करोड़ रुपये की लागत की करीब 32 किलोमीटर लंबी परियोजना है। तीसरी परियोजना जिसका शिलान्यास किया गया वह लखनऊ इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर चार-लेन फ्लाईओवर (एनएच-24ए) जिसकी कुल लंबाई एक किमी होगी और इस पर 109 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

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यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी
बयान में कहा गया है कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के संचालन से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय लगभग तीन घंटे से घटकर मात्र 40 मिनट रह जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन की उल्लेखनीय बचत होगी, प्रदूषण में कमी आएगी तथा पुराने राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। सड़क सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक्सप्रेसवे को अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से सुसज्जित किया गया है। इसके अंतर्गत 21 वैरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस), 63 पीटीजेड कैमरे, 27 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआईडीएस), 62 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, छह स्पीड मेजरमेंट रडार तथा नौ स्टेटिक वे-ब्रिज स्थापित किए गए हैं।

बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे
यह एक्सप्रेसवे किसानों को कृषि उत्पादों को कम समय में मंडियों तक पहुंचाने, उद्योगों को कच्चे माल एवं तैयार उत्पादों के तेज परिवहन तथा आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराएगा। साथ ही एक्सप्रेसवे के आसपास गोदाम, लॉजिस्टिक, औद्योगिक इकाइयों, पर्यटन, आवासीय परियोजनाओं एवं छोटे व्यवसायों के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

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