छत्तीसगढ़

मानसून की दस्तक से पहले खेतों में हलचल, बस्तर में खरीफ फसलों की बुआई ने पकड़ी रफ्तार

By Admin|06 Jun 2026, 3:11 PM
f X W

जगदलपुर.

बस्तर में खरीफ सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है और खेतों में धान बोआई का काम तेज हो गया है। किसान मानसून के आगमन से पहले खेती की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल पहुंचने के बाद अब बस्तर में भी 15 से 18 जून के बीच इसकी दस्तक की उम्मीद जताई जा रही है।

खेतों में बोआई का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि इन दिनों गभार खेतों में धान बीज डाले जा रहे हैं। किसानों की सबसे बड़ी चिंता मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है। तेज धूप और हल्की बारिश के कारण बोए गए बीजों के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग द्वारा सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद किसान कम अवधि वाली धान किस्मों की ओर रुख कर रहे हैं। कई किसान देशी धान को भी प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि खाद पर निर्भरता कम हो। कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले में 1 लाख 15 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान उत्पादन का लक्ष्य रखा है। वहीं मिलेट मिशन के तहत कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों का रकबा बढ़ाने की भी तैयारी है। फिलहाल खेतों में मेहनत शुरू हो चुकी है, लेकिन अच्छी फसल की उम्मीद अब मानसून की समय पर दस्तक पर टिकी हुई है।

पौधरोपण से दिया हरियाली का संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जगदलपुर में प्रकृति संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देने के लिए विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनजातीय गौरव वाटिका के सामने स्थित सिंदूर वाटिका में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप, कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी शलभ सिन्हा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित कई अधिकारियों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट के बीच वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संदेश दिया गया। पर्यावरण दिवस पर हुआ यह आयोजन शहर को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

READ ALSO  गाँव कचोरा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में सरकार ने लाई खुशहाली
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button