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ओबीसी आयोग और परिसीमन मुद्दे पर बढ़ा विवाद

By Admin|11 May 2026, 9:10 PM
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जयपुर

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राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव टालने के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है. राज्य सरकार ने बीते दिनों हाईकोर्ट में दलील देते हुए समय मांगा था. हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच दलीलों से सहमत नहीं दिखी. बेंच ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को फटकार भी लगाई. हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है और उसे पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है.

फिर दी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की दलील
सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी कि वार्डों के आंतरिक सीमांकन को लेकर हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसले आने से देरी हुई. जबकि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट न आने के कारण आरक्षण तय नहीं हो पाया. बेंच ने इस पर सवाल उठाते हुए पूछा, "आदेश निकायों को लेकर था तो पंचायत चुनाव क्यों नहीं कराए गए? ओबीसी आयोग क्या कर रहा है, यह हमारे सामने नहीं है."

कोर्ट ने सरकार के तर्क किए खारिज
कोर्ट में सरकार की ओर से कहा गया कि राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी है. जून में हीटवेव चलती है और जुलाई में बरसात शुरू हो जाती है. ऐसे में चुनाव कराना मुश्किल होगा. लेकिन बेंच ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया. सुनवाई के बाद अदालत ने जजमेंट रिजर्व रख लिया है.

18 मई को अवमानना याचिका दायर
हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला देते हुए 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. वहीं, परिसीमन पूरा करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक की डेडलाइन दी गई थी. अब सरकार और चुनाव आयोग ने समय मांगा है. जबकि इस मुद्दे पर अवमानना याचिका भी दायर है, जिस पर 18 मई को सुनवाई होगी.

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