उत्तर प्रदेशराज्‍य

विश्वनाथ की नगरी में वायु शक्ति का प्रदर्शन, गंगा के ऊपर त्रिशूल बनाकर उड़ेंगे लड़ाकू विमान

By Admin|06 Jun 2026, 9:52 AM
f X W

वाराणसी 
भारतीय वायु सेना (IAF) इस साल अपना 94वां स्थापना दिवस बड़े ही भव्य अंदाज में मनाने जा रही है. इस बार की सबसे खास बात यह है कि एयर फोर्स डे का फ्लाईपास्ट पहली बार पवित्र नदी गंगा के ऊपर वाराणसी में आयोजित किया जाएगा. काशी विश्वनाथ मंदिर के आसमान में वायु सेना के जेट विमानों की उड़ान देश के लिए एक यादगार क्षण होने वाला है। 

Advertisement
Advertisement

वाराणसी भारत की आध्यात्मिक राजधानी मानी जाती है. गंगा नदी और काशी विश्वनाथ मंदिर के ऊपर वायु सेना का फ्लाईपास्ट पहली बार होने जा रहा है. अक्टूबर में होने वाले इस कार्यक्रम की तारीख जल्द ही अंतिम रूप से तय की जाएगी. यह आयोजन IAF की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होगा। 

इससे पहले एयर फोर्स डे के मुख्य समारोह में औपचारिक परेड गाजियाबाद के हिंडन एयर फोर्स स्टेशन में 8 अक्टूबर को होगी. वहीं दूसरा चरण वाराणसी में फ्लाईपास्ट के रूप में मनाया जाएगा. इस बार वायु सेना का प्रयास है कि उत्सव को देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर से बाहर ले जाकर आम जनता तक पहुंचाया जाए। 

फ्लाईपास्ट में क्या-क्या शामिल होगा?
वाराणसी के आसमान में वायु सेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के विभिन्न फॉर्मेशन्स दिखाई देंगे. फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स के साथ-साथ भारी परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे। 

एयरबोर्न पैराट्रूपर्स द्वारा प्रेसिजन पैराशूट जंप का प्रदर्शन भी हो सकता है. वायु सेना अपनी पूरी परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करेगी. इस प्रदर्शनी का मकसद सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि आम नागरिकों को वायु सेना से जोड़ना और उनमें देशभक्ति की भावना जगाना भी है। 

READ ALSO  यूपी के बदलाव पर युवाओं का मंथन, ‘यूपी डायलॉग’ में 100 से ज्यादा युवाओं ने रखे विचार

पिछले वर्षों की परंपरा और बदलाव
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय वायु सेना ने अपनी वर्षगांठ के फ्लाईपास्ट को देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किया है. चंडीगढ़, प्रयागराज, भोपाल और गुवाहाटी जैसे शहरों में यह कार्यक्रम हो चुका है. इसका उद्देश्य है कि देश के कोने-कोने के लोग वायु सेना की ताकत और प्रोफेशनरिज्म को करीब से देख सकें। 

वाराणसी का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद खास है. गंगा के ऊपर विमानों का उड़ना आध्यात्मिकता और आधुनिकता के सुंदर संगम का प्रतीक बन जाएगा। 

एयर फोर्स डे का महत्व
भारतीय वायु सेना का स्थापना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है. यह दिन 1932 में IAF की स्थापना की याद दिलाता है. शुरू में रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से शुरू हुई यह सेना आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। 

इस साल 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाला फ्लाईपास्ट न सिर्फ वायु सेना की बढ़ती ताकत को दिखाएगा बल्कि हाल के वर्षों में की गई आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण की उपलब्धियों को भी उजागर करेगा। 

वाराणसी में होने वाला यह फ्लाईपास्ट आम जनता के लिए एक दुर्लभ अवसर होगा. हजारों लोग गंगा घाटों और आसपास के इलाकों में जमा होकर आसमान में वायु सेना की शानदार उड़ान देख सकेंगे. वायु सेना का प्रयास है कि इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं में रक्षा बलों के प्रति आकर्षण बढ़े और वे करियर के रूप में वायु सेना को चुनें। 

अभी अंतिम मंजूरी, तारीख और पूरा कार्यक्रम जल्द ही घोषित किया जाएगा. लेकिन यह तय है कि इस साल का एयर फोर्स डे वाराणसी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। 

READ ALSO  मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर कई जिलों में पोस्टरबाजी, यूपी में फिर गरमाया माहौल

गंगा के पावन किनारे पर पहली बार होने वाला IAF का फ्लाईपास्ट भारतीय वायु सेना की आधुनिक क्षमताओं और देश की सांस्कृतिक विरासत के बीच एक सुंदर सेतु बनेगा. यह कार्यक्रम न सिर्फ वायुयोद्धाओं की निष्ठा और कौशल को सलाम करेगा बल्कि पूरे देश को एकजुट भी करेगा। 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins