DPR छत्तीसगढ समाचारकांकेर जिला (उत्तर बस्तर)

CG : बेलर मशीन से पैरा के बंडल बनाकर पराली प्रबंधन का किया गया प्रदर्शन

By kadwaghut|05 Jun 2026, 3:44 PM
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उत्तर बस्तर कांकेर, खेत बचाओ अभियान के तहत खेती में नए तकनीक एवं कृषि में मशीनीकरण को बढ़ावा देने एवं पराली को जलाने से हो रहे मिट्टी को नुकसान एवं बढ़ रहे वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से धान की हार्वेस्टर से कटाई के पश्चात बचे हुए धान के पैरा (पराली) को बेलर मशीन से बंडल बनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है, साथ ही इसके विधि का जीवंत प्रदर्शन भी किया जा रहा है।  


वर्तमान में लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच चुका है और ऐसे में गर्मी के फसल के पराली को जलाने से विकराल स्थिति निर्मित हो रही है। इसके समाधान के लिए कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि समवर्ती विभागों द्वारा किसानों को पराली नहीं जलाने और उसके उचित प्रबंधन के लिए बेलर मशीन से बंडल बनाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही वेस्ट डी-कंपोजर जैसे विकल्पों के उपयोग एवं उनका प्रबंधन करने की सुझाव भी किसानों को दी जा रही है। इसी कड़ी में चारामा विकासखण्ड के ग्राम रतेसरा में बेलर मशीन से पराली का बंडल बनाने की विधि का डेमो प्रदर्शन किया गया।

यहां पहुंचे कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर के कृषि वैज्ञानिक (कृषि अभियांत्रिकी) डॉ. नरेंद्र हरिदास तायडे़ ने बताया कि बेलर मशीन एक घंटे में लगभग एक एकड़ खेत से 35 से 40 बंडल बनाकर देती है, जबकि पारंपरिक विधि में लगभग 05 श्रमिक एक एकड़ के लिए लग जाते हैं। इस प्रकार मशीन के उपयोग से समय की बचत होती है, लागत में कमी आती है एवं पराली का उचित प्रबंधन हो जाता है। इसका उठाव और रखरखाव भी आसान है।

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इस दौरान ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी महेश कुमार सोनकर ने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, जो फसलों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा पराली जलाने से वायु प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने किसानों से बेलर मशीन का उपयोग कर पराली प्रबंधन अपनाने की प्रोत्साहित की। पराली से बंडल बनाने के प्रदर्शन को देखकर किसान उत्साहित हुए और पराली को न जलाकर इसे खेती में उपयोग करने की बात कही। 


कार्यक्रम में कृषि अभियांत्रिकी विभाग से यांत्रिक सहायक कल्पना सिंह, ग्राम पंचायत सराधुनवागांव की सरपंच कलिता गोटी, ग्राम पंचायत गोलकुम्हडा के सरपंच सुरेश तेता सहित क्षेत्र के प्रगतिशील किसान रमेश साहू, महेंद्र धनकर, राजू साहू, धनेश्वर कुंजाम, तीरथ सलाम, प्रताप नेताम, प्यारेलाल सलाम, चंदन सिन्हा, भगवान सिंह कुमेटी, कुबेर सिंह राजपूत, बाबूलाल सिन्हा, घनश्याम तिवारी तथा किसान मित्र परशुराम साहू और तुलसी पॉल उपस्थित रहे। 

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