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आरोपी के बयान से सामने आई साजिश की परतें, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

By Admin|21 Jun 2026, 3:41 PM
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रांची
रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश और हमले की जांच में गिरफ्तार सायन अंसारी ने जेल जाने से पहले कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उसने बताया कि घटना से पहले वह अपने बचपन के दोस्त अमन अंसारी उर्फ गोलू और सैफ अंसारी उर्फ रोहित के साथ टुकटुक (टोटो) से आरएसएस कार्यालय की रेकी करने गया था।

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अमन ने पहले ही उसे उस स्थान का लोकेशन भेज दिया था और वह मौके का मुआयना कर चुका था। बाद में तीनों आरोपित रेपिडो से निवारणपुर पहुंचे और घटना को अंजाम देकर वापस कांटाटोली लौट आए। सायन के बयान से यह भी सामने आया है कि कांटाटोली स्थित एक होटल में अमन अंसारी के नाम से कमरा बुक किया गया था, जहां पेट्रोल बम तैयार किया गया था।

ऑटो चालक है सायन अंसारी
सायन अंसारी ने बताया कि वह टोटो चलाकर जीविका चलाता है। उसके पिता का टोटो है, जिसे वह चलाकर कमाई करता है। उसका ननिहाल लोहरदगा के आजाद बस्ती में है, जहां अमन अंसारी उर्फ गोलू का भी घर है। दोनों बचपन के दोस्त हैं और अमन जब भी रांची आता था तो उससे मुलाकात करता था।

दिसंबर 2025 में सायन की शादी रुकसार परवीन से हुई थी और वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। सायन के अनुसार, अमन अंसारी ने उसे फोन कर कहा कि एक काम करना है, जिसके बदले 50 हजार रुपये और अतिरिक्त इनाम मिलेगा। इसके बाद अमन उसके घर आया। टुकटुक में ही सभी के बीच चर्चा हुई कि काम को अंजाम देने के लिए कुछ सामान की जरूरत है।

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सड़क किनारे होटल में खाना खाकर रिश्तेदार के घर गया था अमन
सड़क के किनारे स्थित एक होटल में तीनों आतंकियों ने खाना खाया था। इसके बाद अमन कुछ देर के लिए अपनी खाला के घर गया। लौटने के बाद तीनों कांटाटोली स्थित एक होटल पहुंचे, जहां अमन अंसारी के नाम पर एक कमरा बुक कराया गया। होटल संचालक ने एक हजार रुपये लेकर तीन लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। कमरे की बुकिंग के समय अमन ने अपना आधार कार्ड होटल में जमा किया था।

होटल में कुछ देर रुकने के बाद तीनों नीचे उतरे और होटल के सामने स्थित पेट्रोल पंप के पास एक चाउमीन दुकान से 10 रुपये में चिली सास की खाली बोतल खरीदी। सायन ने बताया कि दुकानदार ने उन्हें यह भी कहा था कि किसी लड़ाई-झगड़े या किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना। उसी दुकान के बगल में एक बंद दुकान के बाहर कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतल पड़ी थी, जहां से उन्होंने स्प्राइट की एक खाली बोतल उठा ली।

होटल से चादर लेकिन निकले थे आतंकी
सैफ और अमन ने पहचान छिपाने के लिए होटल का तौलिया और बिस्तर पर बिछी हरे-सफेद रंग की चादरनुमा कपड़ा अपने चेहरे पर लपेट लिया। रात के समय सायन और अमन के मोबाइल फोन बंद हो गए थे। इसके बाद सैफ अंसारी के मोबाइल से रेपिडो बुक किया गया। जब रेपिडो चालक आया तो उससे भी सैफ के मोबाइल से ही बातचीत की गई।

सायन ने बताया कि रेपिडो को पहले डोरंडा का लोकेशन दिया गया बाद में आरएसएस कार्यालय का दिया गया। इसके बाद रेपिडो चालक को निवारणपुर चलने के लिए कहा गया। लोकेशन के आधार पर तीनों निवारणपुर पहुंचे, जहां घटना को अंजाम दिया गया। इसके तुरंत बाद वे उसी रेपिडो से वापस कांटाटोली लौट आए।

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रेपिडो का 400 रुपये किराया अमन ने दिया। उसके पास खुले पैसे नहीं थे, इसलिए पास की एक दुकान से छुट्टा कराया गया। घटना के बाद तीनों फिर होटल लौट आए और तीनों ने राणा से तय 50,50 हजार रुपये की मांग की। इस पर राणा ने कहा कि पैसे अगले दिन सुबह दे दिए जाएंगे। हालांकि उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला।

नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे छिपाया कपड़ा
तीनों आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद अगली सुबह करीब नौ बजे तीनों उठे और दस बजे होटल छोड़ दिया। होटल के नीचे स्थित एक कपड़े की दुकान पर जाकर उन्होंने सस्ते कपड़े खरीदने की कोशिश की, लेकिन वहां 100-150 रुपये के कपड़े नहीं मिले।

इसके बाद दूसरी दुकान से 150-150 रुपये में कपड़े खरीदे गए। अमन और सैफ ने अपने पुराने कपड़े बदलकर सायन को दे दिए। बाद में तीनों ने उन कपड़ों को खादगढ़ा बस स्टैंड के पास नगर निगम की निर्माणाधीन इमारत के पीछे पहले से पड़े एक प्लास्टिक पोस्टर के अंदर छिपा दिया।

पहले जाना था लखनऊ लेकिन डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने से गए कानपुर
सायन ने बताया कि राणा ने अमन और सैफ को लखनऊ जाने का निर्देश दिया था। जब दोनों ने ट्रेन की जानकारी जुटाई तो पता चला कि रांची से लखनऊ के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि दोपहर करीब पौने तीन बजे एक ट्रेन कानपुर जाती है।

दोनों ने आपस में बातचीत कर कानपुर तक जाने और वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचने की योजना बनाई। उन्होंने सायन को भी साथ चलने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद वह अपने घर लौट गया, जबकि अमन और सैफ रेलवे स्टेशन की ओर निकल गए

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