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लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग से लोग परेशान, एमडी ने 1912 शिकायतों के फर्जी निस्तारण पर दी चेतावनी

By Admin|31 May 2026, 1:41 PM
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लखनऊ

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यूपी के लखनऊ में बासमंडी स्थित जीटीआई उपकेंद्र शनिवार शाम सात बजे ठप हो गया। इससे गणेशगंज, पान दरीबा और लालकुआं जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई। शाम के वक्त बिजली न आने से करीब 40 हजार आबादी को पानी का संकट खड़ा हो गया। वहीं बाजारों में अंधेरा छा गया और कई व्यापारियों को समय से पहले अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। लगभग सवा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 8:15 बजे बिजली बहाल हो सकी। लखनऊ में लोग एक बार फिर बिजली-पानी के लिए परेशान हो गए।

वहीं आलमबाग के नटखेड़ा रोड पर स्थिति और भी भयावह हो गई जब एक बिजली बॉक्स के केबल में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देख इलाके में हड़कंप मच गया। व्यापारियों की सजगता से चंदरनगर उपकेंद्र को सूचना देकर बिजली कटवाई गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस दौरान कुटिया वाली गली और गोविंद गली सहित पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया। शाम के वक्त बिजली न आने से घरों में पानी भी नहीं आया।

वहीं कर्मचारियों ने फाल्ट को दुरुस्त कर रात 08 बजे बिजली चालू की। नटखेड़ा रोड युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष अरोड़ा ने बताया कि क्षेत्र में आये दिन बिजली संकट बना रहता है। इसके अलावा जानकीपुरम जोन के अहिबरनपुर, प्रियदर्शनी और आईटीआई उपकेंद्रों की अंडरग्राउंड केबल फाल्ट हो गया।

वहीं विद्युत विभाग के मुताबिक नबीकोट नंदना ट्रांसमिशन से प्रियदर्शनी उपकेंद्र, इंदिरानगर ट्रांसमिशन से आईटीआई उपकेंद्र व नबीकोट नंदना ट्रांसमिशन से अहिबरनपुर उपकेंद्र केबल फाल्ट हो गया। कर्मचारियों ने आनन-फानन में मोर्चा संभाला और लोड को दूसरे फीडरों पर शिफ्ट कर वैकल्पिक स्रोतों से बिजली चालू करने की कोशिश की। हालांकि, लोड अधिक होने के कारण कई इलाकों में लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शनिवार रात तक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका।

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1912 की शिकायतों का फर्जी निस्तारण न हो: एमडी
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने शनिवार को कस्टमर केयर सेंटर 1912 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण की मौजूदा प्रक्रिया की समीक्षा की। एमडी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। किसी भी हाल में फर्जी निस्तारण न किया जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। फीडबैक लेने और समस्याओं के समाधान के बाद उपभोक्ताओं को धन्यवाद संदेश या ट्वीट करने पर विशेष जोर दिया।

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