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गोपालगंज केस की जांच अब CID करेगी, अनंत सिंह को कोर्ट से अंतरिम राहत जारी

By Admin|30 May 2026, 7:44 PM
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 गोपालगंज

मोकामा के बाहुबली जदयू विधायक छोटे सरकार अनंत सिंह को कोर्ट से फिर राहत मिली है। गोपालगंज के एमपी एमएलए कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक की सीमा पांच जून तक बढ़ा दिया है। मामले में आज(शनिवार, 30 मई को)अग्रिम जमानत के बिंदू पर सुनवाई हुई। अगली सुनवाई पांच जून को होगी। तबतक उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक की सीमा को बढ़ा दिया गया है। भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को भी इसका फायदा मिला है। सरकारी वकील ने राहत देने का विरोध किया था। 2 मई को गोपालगंज जिले के सेमराव गांव में हथियार लहराने और अश्लील गानों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मीरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। केस की छानबीन अब सीआईडी करेगी।

शनिवार को गोपालगंज एमपीएमएलए कोर्ट में अनंत सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। उनके वकील राजेश पांडे ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखने की अपील की। इस पर सरकारी वकील ने विरोध किया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई है इसलिए कोई राहत नहीं मिलना चाहिए। इसपर राजेश पांडे ने कहा कि पिछली सुनवाई पर ही 30 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी। इसे आगे बढ़ाया जाए। कोर्ट ने पिछले फैसले को बरकरार रखा।

मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी में हथियार लहराने के मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) करेगा। बिहार सरकार के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस चर्चित मामले को गोपालगंज पुलिस से हटाकर सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही अब इस केस में स्थानीय पुलिस की भूमिका समाप्त हो गई है।

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मीरगंज थाने के सेमराव गांव निवासी गुड्डू राय के घर बीते दो और तीन मई को आयोजित उपनयन संस्कार कार्यक्रम में काफी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी में उनके समर्थकों पर सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप लगा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मीरगंज थाने में चार मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के क्रम में पुलिस ने विधायक अनंत सिंह और उनके समर्थकों को नोटिस जारी कर 15 मई को हथियार के साथ मीरगंज थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि निर्धारित तिथि पर विधायक और उनके समर्थक थाने नहीं पहुंचे। मामले को लेकर कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चित होने के कारण पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर श्रेणी में रखते हुए सीआईडी को सौंपने का निर्णय लिया

 

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