मध्य प्रदेशराज्‍य

12 मई मौत मामले में CBI की कार्रवाई, आरोपी पति समर्थ सिंह को 29 मई तक रिमांड मिली

By Admin|27 May 2026, 10:46 PM
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भोपाल

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मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आरोपित पति समर्थ सिंह को 29 मई तक की सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया गया। वह अभी तक पुलिस रिमांड पर था। बुधवार को पुलिस ने उसे भोपाल जिला न्यायालय में प्रस्तुत किया। यहां सीबीआई ने उसकी रिमांड मांगी थी।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी

वहीं, आरोपित सास और पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत के विरुद्ध प्रदेश सरकार व त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा की ओर से दायर याचिकाओं पर हाई कोर्ट जबलपुर में बुधवार को सुनवाई हुई। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने सभी पक्षों की सुनवाई पूरी कर ली। फिलहाल आदेश रोक लिया गया है।

CBI ने घर पहुंचकर किया क्राइम सीन रिक्रिएट

समर्थ सिंह की रिमांड मिलने के बाद सीबीआई टीम उसे लेकर उसके बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची और घटनाक्रम को समझने के लिए क्राइम सीन रिक्रिएट किया। दिल्ली से आई विशेष फोरेंसिक टीम ने घर से वैज्ञानिक साक्ष्य, फिंगर प्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए। बुधवार को ही गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।

भोपाल में अस्थायी कंट्रोल रूम बनाएगी CBI

इस बीच, सीबीआई ने भोपाल में अस्थायी कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी की है। दिल्ली सीबीआइ की ओर से भोपाल पुलिस कमिश्नर को एक आवेदन भेजकर मांग की गई है कि टीम को शहर में ऐसा स्थान मुहैया कराया जाए, जहां मामले से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज और साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके। आवश्यकता पड़ने पर आरोपितों व संदिग्धों को रोककर उनसे पूछताछ की जा सके।

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CBI का इंटरविनर बनने का आवेदन हाई कोर्ट ने किया स्वीकार

जबलपुर प्रतिनिधि के अनुसार हाई कोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद करने के लिए याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि वह अग्रिम जमानत की शर्तों का पालन नहीं कर रही हैं। पुलिस ने उन्हें 13 से 23 मई के बीच पांच नोटिस दिए थे लेकिन वह पूछताछ के लिए नहीं पहुंचीं। इसके अलावा गिरिबाला सिंह ने 18 मई को पत्रकार वार्ता कर मृतका के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाए थे। वह भौतिक साक्ष्य जांच एजेंसी को उपलब्ध नहीं करवा रही हैं।

CBI ने इंटरविनर बनकर की जमानत निरस्त करने की मांग

सीबीआई की तरफ से इंटरविनर बनने का आवेदन पेश करते हुए भी अग्रिम जमानत निरस्त करने की मांग की गई। सीबीआइ की ओर से तर्क दिया गया कि त्विषा के पहले पोस्टमार्टम के दौरान गिरिबाला सिंह की रिश्ते में लगने वाली बहन व एक अन्य व्यक्ति मौजूद था, जिन्हें उपस्थित नहीं रहना चाहिए था और यह जांच का विषय है। इसके अलावा दोनों आरोपितों के क्रॉस एग्जामिनेशन के लिए गिरिबाला सिंह की अभिरक्षा आवश्यक है।
बचाव पक्ष ने आरोपों को नकारा और दी अपनी दलीलें

गिरिबाला सिंह की ओर से तर्क दिया गया कि डॉक्टरों ने एंग्जायटी, ड्रग्स के कारण त्विषा की स्थिति को देखते हुए गर्भपात की गोलियां दी थीं। त्विषा ने जिस मंजिल पर फांसी लगाई वहीं उसका किचन, बाथरूम व बेडरूम था। घटना के अगले दिन 13 मई को पुलिस ने उसे सील कर दिया था। उन्होंने और समर्थ सिंह ने शादी के बाद त्विषा को यूपीआई के माध्यम से सात लाख रुपये से अधिक दिए।

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त्विषा ने कभी भी अपनी सास पर दहेज मांगने और प्रताड़ित करने की बात मायके पक्ष वालों से नहीं कही थी। त्विषा के सभी आरोप अपने पति के खिलाफ हैं, सास के खिलाफ नहीं।

 

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