मध्य प्रदेशराज्‍य

एनीमिया, कुपोषण और बाल विवाह पर सख्ती, डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने UNICEF के साथ बनाई संयुक्त कार्ययोजना

By Admin|09 Jul 2026, 8:06 PM
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शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी और एनीमिया के प्रभावी नियंत्रण के लिए यूनीसेफ के साथ मिलकर करेंगे कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

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जनभागीदारी और विभागीय समन्वय से एनीमिया, शिशु एवं मातृ मृत्यु तथा बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण की योजना
यूनीसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की

भोपाल

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से वल्लभ भवन में यूनीसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में यूनीसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) श्री जैस्पर मिलर, यूनीसेफ इंडिया की चीफ फील्ड सर्विसेज सुश्री सोलेदाद हेरेरो, यूनीसेफ मध्यप्रदेश के प्रमुख श्री विलियम हैनलोन और मध्यप्रदेश के कम्यूनिकेशन स्पेशलिस्ट श्री अनिल गुलाटी उपस्थित रहे। बैठक में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी, एनीमिया नियंत्रण, कुपोषण, बाल विवाह की रोकथाम तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था के प्रभावी प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने तथा एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। राज्य सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती कर मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में कार्य कर रही है। हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने इस कार्ययोजना के निर्माण में यूनीसेफ से तकनीकी सहयोग का आग्रह किया।

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उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यूनीसेफ राज्य के मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग कर सकता है, ताकि वे जिलों में प्रशिक्षण देकर उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु देखभाल को मजबूत कर सकें। उन्होंने पंचायतों के सहयोग से राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने यूनीसेफ से ऐसे सरल एवं प्रभावी मुख्य संदेश उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिन्हें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेतृत्व के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और विभागीय समन्वय से एनीमिया, शिशु एवं मातृ मृत्यु तथा बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की यूनिसेफ प्रतिनिधि श्री मिलर ने की सराहना

यूनीसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) श्री मिलर ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने इस दिशा में राज्य द्वारा लागू किए जा रहे ‘सुमन रोडमैप’ की प्रशंसा की। साथ ही, राज्य में मदर एंड न्यूबॉर्न चाइल्ड केयर यूनिट्स (एमएनसीयू) की स्थापना की पहल के लिए भी मध्यप्रदेश को बधाई दी। सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कुपोषण और बाल विवाह के परस्पर संबंधों पर चर्चा की।

 

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