DPR छत्तीसगढ समाचाररायपुर जिला

CG : ’छत्तीसगढ़ में अनुपयोगी सरकारी जमीनों का होगा कायाकल्प- तैयार होगी रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना’

By kadwaghut|27 May 2026, 4:11 PM
f X W

’विभागों, निगम-मंडलों और बोर्ड की खाली जमीनों का होगा व्यवस्थित विकास, बनेगा डिजिटल लैंड बैंक’

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेव्हलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।

         इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि वर्तमान में अनुपयोगी पड़ी सरकारी जमीनों से न तो शासन को कोई आय हो रही है और न ही जनता को इसका लाभ मिल रहा है। इस रिडेव्हलपमेंट योजना से जहां शहरों को एक नियोजित विकास मिलेगा, वहीं शासकीय परिसंपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।


’डिजिटल लैंड बैंक और जीआईएस मैपिंग से होगी निगरानी’
         बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्षों से खाली पड़ी या अतिक्रमण की आशंका वाली सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उनका व्यावसायिक व जनहित में बेहतर उपयोग किया जाएगा। शासकीय विभागों के अंतर्गत आने वाली सभी खाली जमीनों का एक केंद्रीय डिजिटल लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। मैपिंग के जरिए हर प्लॉट की सटीक लोकेशन, रकबा (क्षेत्रफल) और वर्तमान स्थिति का डेटा जीआईएस (GIS) मैपिंग ऑनलाइन दर्ज होगा। शहरों में प्राइम लोकेशन पर स्थित खाली जमीनों पर आवासीय योजनाएं, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, पार्किंग और नए सरकारी कार्यालय बनाए जाएंगे। बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।  बड़ी जमीनों के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को राजस्व भी मिलेगा।  

READ ALSO  CG : मुरासु तूफान कमजोर! दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर बारिश; अब 3 डिग्री तक गिरेगा पारा ...


’ग्रामीण क्षेत्रों का विकास’
         ग्रामीण इलाकों की जमीनों पर कृषि, उद्यानिकी, आधुनिक वेयरहाउस या कौशल विकास केंद्र (Skill Development Center) प्रस्तावित किए जाएंगे। बड़ी जमीनों के सुनियोजित विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे शासन को अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी।

’जर्जर भवनों को ढहाकर होगा नवनिर्माण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम’
         योजना के तहत ऐसे शासकीय भवनों और परिसरों को चिन्हित किया जाएगा जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और जिनकी मरम्मत करना वित्तीय दृष्टि से फायदेमंद नहीं है। ऐसी जगहों पर पुरानी संरचनाओं को हटाकर शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सरकारी विभागों या उनके उपक्रमों के लिए नए और आधुनिक निर्माण किए जाएंगे।  सुरक्षा के लिहाज से चिन्हित जमीनों पर तत्काल फेंसिंग (घेराबंदी) की जाएगी और शासकीय स्वामित्व का बोर्ड लगाया जाएगा। इन जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से निगरानी रखेंगे।


          इस महत्वपूर्ण बैठक में विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी संभागायुक्त व कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

2

Back to top button