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ईंधन आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने पर जोर, पेट्रोल पंपों को लेकर नए निर्देश

By Admin|03 Jun 2026, 1:41 PM
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 जयपुर

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राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (RPDA) की अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्य के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास के साथ उनकी एक अहम बैठक हुई. एसोसिएशन ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक बताते हुए मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया है. इस बैठक में प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करने से लेकर वैट कटौती जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए. बैठक के दौरान प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया.

तेल कंपनी से सीधे होगी पंप में आपूर्ति
मुख्य सचिव ने सभी ऑयल कंपनियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी परिस्थिति में प्रदेश में संचालित पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए. यदि किसी क्षेत्र में कोई कमी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दूर कर आपूर्ति को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि कंज्यूमर पंप अब सीधे ऑयल कंपनियों से ही ईंधन की आपूर्ति लेंगे. इसके लिए ऑयल कंपनियों को अपने स्तर पर ऐसे कंज्यूमर पंपों की एक सूची तैयार कर सरकार को सौंपने के लिए कहा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन से पंप सीधे आपूर्ति ले रहे हैं.

वहीं, नायरा कंपनी द्वारा प्रदेश में डीजल की आपूर्ति रोके जाने के मामले पर भी मुख्य सचिव ने कड़ा संज्ञान लिया और कंपनी को प्रदेश में शीघ्र ही डीजल आपूर्ति सुचारु करने के दिशा-निर्देश दिए.

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VAT कटौती पर क्या हुई बात
इस वार्ता का सबसे महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित मुद्दा पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का रहा. आरपीडीए ने इस मांग को पूरी मजबूती के साथ सरकार के समक्ष रखा. एसोसिएशन ने अपने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सरकार को यह भरोसा दिलाया कि वैट में कटौती करने से राज्य सरकार को राजस्व में किसी भी प्रकार की हानि नहीं होगी. उनका मुख्य तर्क यह था कि राज्य में वैट अधिक होने के कारण जो बिक्री पड़ोसी राज्यों में जा रही है, वह वैट कम होने से रुक जाएगी और अंततः राज्य में ईंधन की बिक्री में भारी इजाफा होगा. इसके फलस्वरूप महंगाई की मार झेल रहे किसानों और आम जनता को एक बहुत बड़ी राहत मिल सकेगी.

इस विषय पर गहन विचार-विमर्श के बाद एसोसिएशन ने वैट कटौती को लेकर एक संयुक्त कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया ताकि समय रहते कोई ठोस निर्णय लिया जा सके.

एसोसिएशन की इन तमाम दलीलों और सुझावों पर मुख्य सचिव ने उन्हें अवगत कराया कि सरकार वैट कटौती के मुद्दे को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और वर्तमान में इस पर अध्ययन करवा रही है. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट आश्वासन दिया है कि राज्य में वैट कटौती को लेकर सरकार का रुख बेहद सकारात्मक है और शीघ्र ही इस दिशा में अग्रिम व उचित कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी आरपीडीए के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी, उपाध्यक्ष प्रकाश गवालेरा और महासचिव शशांक कौरानी द्वारा जारी की गई.

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