उत्तर प्रदेशराज्‍य

शिक्षा व्यवस्था में नया जोर, स्कूलों में पठन संस्कृति मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार सक्रिय

By Admin|26 May 2026, 8:04 PM
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विद्यालयों में पठन संस्कृति मजबूत करने में जुटी योगी सरकार

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– परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में 'समाचार-पत्र पठन' और पठन संस्कृति अभियान को नई गति देने पर फोकस

– रीडिंग ऑवर, डीईएआर कैंपेन और रीडिंग चैलेंज जैसी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

– बच्चों में पढ़ने की आदत, भाषा दक्षता, तार्किक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति विकसित करने पर जोर

– अपर मुख्य सचिव स्तर से सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत और समर्पित प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश

लखनऊ
 योगी सरकार अब परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में पठन संस्कृति को मजबूत कर बच्चों में पढ़ने की आदत, भाषा दक्षता और रचनात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। शैक्षिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ के अवसर पर 'पठन संस्कृति' और 'समाचार-पत्र पठन' से संबंधित पूर्व में जारी निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को लेकर फिर से व्यापक स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि विद्यालयों में पढ़ने का सकारात्मक वातावरण विकसित किया जा सके।

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से पहले ही विद्यालयों में पठन संस्कृति, समाचार-पत्र पठन और रीडिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अब उन्हीं निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए समस्त प्राचार्य डायट, एडी बेसिक, बीएसए, बीईओ आदि को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि विद्यालयों में पठन गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु व्यक्तिगत एवं समर्पित प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।

भाषा दक्षता, संवाद क्षमता और तार्किक सोच को मजबूत करने पर जोर
योगी सरकार का फोकस अब परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई को केवल पाठ्यक्रम आधारित न रखते हुए विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित कर भाषा दक्षता, संवाद क्षमता, तार्किक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मजबूत करने पर भी है। इनमें विद्यालयों में नियमित रीडिंग ऑवर, समाचार-पत्र उपलब्ध कराना, सुबह की सभा में समाचार वाचन और बच्चों को पुस्तक पठन के लिए प्रेरित करना शामिल है। यही कारण है कि 'समाचार-पत्र पठन', 'रीडिंग ऑवर' और 'स्क्रीन टाइम कम करने' जैसी गतिविधियों को अब और अधिक गंभीरता के साथ लागू कराने पर जोर दिया जा रहा है। इन गतिविधियों को नियमित और प्रभावी तरीके से संचालित कर प्रत्येक विद्यालय में पढ़ने का सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाएगा।

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डीईएआर कैंपेन और रीडिंग चैलेंज को मिलेगी गति
विद्यालयों में 'डियर' (ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड) कैंपेन को भी प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया है। इसके अन्तर्गत सप्ताह में एक निर्धारित समय पर छात्र-छात्राएं, शिक्षक और प्रधानाध्यापक अपनी पसंद की पुस्तकें पढ़ेंगे। इसके अलावा प्राथमिक स्तर पर 'सुपर-20' और उच्च प्राथमिक स्तर पर 'सुपर-30' रीडिंग चैलेंज जैसी गतिविधियों को भी नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। निर्धारित संख्या में पुस्तकें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय स्तर पर सर्वाधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र-छात्रा को 'चैंपियन रीडर ऑफ द इयर' घोषित कर पुरस्कृत भी किया जाएगा।

स्वतंत्र लेखन व रचनात्मकता पर भी जोर
शासन की मंशा है कि विद्यार्थी पुस्तक पठन तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी स्वतंत्र लेखन क्षमता और रचनात्मक सोच भी मजबूत हो। इसके अंतर्गत पढ़ी गई पुस्तकों, कहानियों और समाचार-पत्रों के आधार पर विद्यार्थियों से लेखन कार्य एवं रचनात्मक गतिविधियां कराई जाएंगी। साथ ही विद्यालय स्तर पर लेखन प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी विशेष जोर दिया गया है।

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