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देशी गायों से वैश्विक बाजार तक: यूपी का ‘मेड इन यूपी’ गो उत्पाद 10 से अधिक देशों में पहुंचा

By Admin|25 May 2026, 10:31 AM
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लखनऊ

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘गो संरक्षण से समृद्धि’ मॉडल अब उत्तर प्रदेश की जमीन से उठकर वैश्विक मंच पर अपनी सफलता का परचम लहरा रहा है। राज्य में देशी गायों के संरक्षण को सिर्फ आस्था तक सीमित न रखकर एक मजबूत आर्थिक मॉडल में बदल दिया गया है। इसका नतीजा यह है कि आज उत्तर प्रदेश में देशी गायों के सहारे न सिर्फ 10 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार खड़ा हुआ है, बल्कि अमेरिका, यूके और ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के 10 से अधिक देशों में ‘मेड इन यूपी’ गो उत्पादों की भारी मांग पैदा हो गई है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बदली गो-संरक्षण की परिभाषा
इस क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत गाजियाबाद के सिकंदरपुर से हुई, जहां अमेरिका की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनियों में 14 साल तक इंजीनियर रहे असीम रावत ने सीएम योगी की प्रेरणा से गो-संरक्षण की राह चुनी। उन्होंने 'हेता' (HETHA) ब्रांड के तहत 1000 से ज्यादा देशी गायों पर आधारित एक एथिकल डेयरी सिस्टम स्थापित किया है। आज 100 लोगों की उनकी विशेष टीम इस मिशन को एक ग्लोबल ब्रांड बना चुकी है, जिसके अंतर्गत संरक्षित साहीवाल गाय की महत्ता को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गोपूजन कर सराह चुके हैं।

दूध से लेकर कॉस्मेटिक्स तक, 150 से अधिक प्रोडक्ट्स
'हेता' का यह मॉडल स्वदेशी नस्लों के समग्र और वैज्ञानिक उपयोग पर आधारित है। यहाँ केवल दूध ही नहीं, बल्कि पंचगव्य, आयुर्वेदिक औषधियां, ऑर्गेनिक फूड और स्किन व हेयर केयर जैसे लगभग 150 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यहाँ के A2 दूध, बिलौना घी, ब्राह्मी घृत और गोमूत्र अर्क की शुद्धता धूम मचा रही है। सबसे खास बात यह है कि इस मॉडल में वृद्ध या दूध न देने वाले गोवंश को बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी मानकर सिस्टम का अभिन्न हिस्सा बनाया जाता है।

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दुनिया के कोने-कोने में पहुंचा 'मेड इन यूपी'
उत्तर प्रदेश की इस अनूठी 'गो-इकोनॉमी' का विस्तार अब भारत से बाहर निकलकर अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, यूरोप, सिंगापुर और दुबई जैसे मध्य-पूर्व व एशियाई देशों तक हो चुका है। इन वैश्विक बाजारों में यूपी के गो-उत्पादों की बढ़ती पहुंच ने राज्य की एक नई और प्रगतिशील पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है।

डेयरी मास्टर प्लान के तहत मिल रही 50 प्रतिशत सब्सिडी
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, इस मॉडल को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार नीतिगत स्तर पर भारी वित्तीय सहायता दे रही है। सरकार की ‘ऑपरेशन-4’ योजना के तहत स्वदेशी गायों के पालन पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है। डेयरी मास्टर प्लान के तहत 2 से 25 गायों तक के स्टार्टअप के लिए 15% स्वयं का निवेश, 35% बैंक लोन और 50% सरकारी अनुदान (सब्सिडी) का एक पारदर्शी फॉर्मूला लागू किया गया है।

साहीवाल, गिर, गंगातीरी और सिंधी जैसी उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्लों पर केंद्रित योगी सरकार की यह नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नया उछाल ला रही हैं। यह 'गो-इकोनॉमी' मॉडल अब उत्तर प्रदेश को वैश्विक डेयरी शक्ति बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो रहा है।

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