मध्य प्रदेशराज्‍य

7 घंटे की दूरी होगी कम, मध्य प्रदेश में ग्वालियर से नागपुर तक दौड़ेगी हाईस्पीड सड़क

By Admin|24 May 2026, 9:06 AM
f X W

सागर
 ग्वालियर और नागपुर शहरों को सिक्सलेन हाइवे से जोड़ने के लिए नए कारीडोर का सर्वे तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर को केंद्र सरकार द्वारा सहमति मिलने के बाद सरकार द्वारा फिजिबिलिटी सर्वे कराया जा रहा है. जिसमें ये देखा जाएगा कि इस कॉरिडोर पर कैसा ट्रैफिक रहेगा. फिलहाल ये तय किया गया है कि 40 हजार करोड़ की लागत से 569 किमी लंबा सिक्सलेन हाइवे बनाया जाएगा, जो मध्य प्रदेश के 9 जिलों से गुजरेगा. इन सभी जिलों में सिक्सलेन कॉरिडोर के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर की स्थापना की जाएगी, जो इन जिलों के व्यवसाय में पंख लगाएंगे। 

Advertisement
Advertisement

भूतल परिवहन मंत्रालय की सहमति के बाद सर्वे कार्य शुरु
ग्वालियर से नागपुर की कनेक्टिविटी अभी तक सीधे तौर पर नहीं है. ऐसे में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने ग्वालियर, बैतूल, नागपुर कारीडोर के लिए सहमति दे दी है. फिलहाल जो प्रस्ताव है, उसके तहत 40 हजार करोड़ की लागत से 569 किमी लंबा सिक्स लेन कॉरिडोर बनाया जाएगा. ये कॉरिडोर ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम और बैतूल से होते हुए नागपुर तक जाएगा. ग्वालियर से शुरू होकर यह मार्ग नागपुर तक पहुंचेगा। 

फिजिबिलिटी सर्वे और डीपीआर की तैयारी
फिलहाल इस कारीडोर के लिए NHAI (National Highways Authority of India) द्वारा फिजिबिलिटी सर्वे किया जा रहा है. जिसका उद्देश्य ये है कि इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक की स्थिति क्या होगी और क्या लाभ होगा. इसी आधार पर जल्द ही कॉरिडोर के अलाइनमेंट और डीपीआर को अंतिम रुप दिया जाएगा. फिलहाल इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि इसे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की तरह बनाया जाए. ये अभी जो सड़क हैं, उसी का चौड़ीकरण सिक्सलेन के रूप में किया जाए। 

READ ALSO  भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन रहे सजग

ब्लैक स्पाॅट खत्म करने का होगा काम
प्रस्तावित ग्वालियर बैतूल नागपुर कॉरिडोर के निर्माण की शुरूआत से ही यातायात सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है. एनएचएआई कॉरिडोर के सिवनी जिले से गुजरने वाले हिस्से में लखनादौन और खवासा के बीच ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए काम कर रहा है. इन ब्लैक स्पाॅट पर अंडरपास, ओवरब्रिज और पुलों का निर्माण किया जाएगा. अंडरपास के जरिए लोकल ट्रैफिक को अलग से रास्ता दिया जाएगा। 

सफर में 6-7 घंटे कम लगेगा वक्त
इस कॉरिडोर के बनने से ग्वालियर और नागपुर के बीच यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. फिलहाल ग्वालियर से नागपुर जाने में 22 से 24 घंटे लगते हैं. सिक्सलेन कारीडोर के बाद ये वक्त महज 16 से 18 घंटे रह जाएगा. इसके साथ ही सफर सुरक्षित हो जाएगा। 

हर जिले में इंडस्ट्रियल क्लस्टर से व्यवसाय को लगेगे पंख
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि, ''ये कॉरिडोर मध्य प्रदेश के जिन 9 जिलों से गुजर रहा है, वहां कॉरिडोर के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाए जाएंगे. जिनका उद्देश्य लाजिस्टिक हब तैयार करना है. इस कॉरिडोर से पर्यटन व्यावसाय को पंख लगने के अलावा, खनिज, फल, अनाज, दवाईयां और प्लास्टिक व्यावसाय को पंख लगेगे. उद्यमियों की लागत और सफर में लगने वाला समय कम होगा. इस हाइवे की ग्वालियर-आगरा हाइवे और नागपुर पुणे मुंबई हाइवे से कनेक्टिविटी आसान हो 
जाएगी। 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins