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राजस्थान हेल्थ स्कीम विवाद सुलझा, मरीजों को बड़ी राहत, बकाया भुगतान का भरोसा

By Admin|21 May 2026, 8:11 PM
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जयपुर

राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और आम मरीजों के लिए गुरुवार की सुबह राहत की खबर लेकर आई है. पिछले कई दिनों से चल रहा मेडिकल गतिरोध अब पूरी तरह खत्म हो गया है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) राजस्थान और अन्य चिकित्सा संगठनों ने राज्य सरकार के साथ हुई एक हाई-लेवल बैठक के बाद राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) के बहिष्कार को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है. इस फैसले के बाद प्रदेश के सभी प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में आरजीएचएस (RGHS) के तहत मिलने वाली मुफ्त इलाज और ऑपरेशन की सुविधाएं दोबारा शुरू हो गई हैं.

स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में बनी बात
बुधवार देर शाम डॉक्टरों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने सूबे के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और चिकित्सा विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ के साथ सचिवालय में लंबी बैठक की. बैठक में डॉक्टरों ने आरजीएचएस स्कीम के नियमों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और अस्पतालों के करोड़ों रुपये के पेंडिंग पेमेंट्स का मुद्दा उठाया. डॉक्टरों की दलीलों को सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत एक्शन लिया और अफसरों को दो-टूक निर्देश जारी किए.

10 दिन में बदलेंगे नियम, जारी होगी नई SOP
आईएमए राजस्थान के अध्यक्ष डॉ. महेश शर्मा और सचिव डॉ. एनके अग्रवाल ने बताया कि सरकार का रुख बेहद सकारात्मक रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने आरजीएचएस प्रशासन को सख्त आदेश दिया है कि डॉक्टरों द्वारा सौंपे गए सुझावों को शामिल करते हुए अगले 10 दिनों के भीतर योजना की नई और संशोधित गाइडलाइन जारी की जाए. इसके अलावा, नियमों को आसान बनाने और क्लेम की कड़ियों को पारदर्शी रखने के लिए एक जॉइंट कमेटी भी बनाई जाएगी, जिसमें आरजीएचएस अधिकारियों के साथ-साथ आईएमए के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

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अस्पतालों को मिलेगा बकाया पैसा, प्राइवेट एम्बुलेंस पर कड़ाई
बैठक में सरकार ने डॉक्टरों को लिखित आश्वासन दिया है कि निजी अस्पतालों का जितना भी जायज बकाया पैसा अटका हुआ है, उसे जल्द से जल्द बजट जारी करके क्लियर किया जाएगा. साथ ही, भविष्य के पेमेंट्स के लिए एक तय टाइमलाइन बनाई जाएगी ताकि अस्पतालों को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें. सरकार के इस ठोस कदम के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर तुरंत काम पर लौटने का ऐलान कर दिया. अब किसी भी मरीज को प्राइवेट अस्पतालों से बिना इलाज के खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा.

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