छत्तीसगढ़

संकल्प और सेवा से चमका मिनपा स्वास्थ्य केंद्र, राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया मान

By Admin|20 May 2026, 10:46 PM
f X W

रायपुर

सुकमा जिले का मिनपा क्षेत्र कभी नक्सलवाद, घने जंगलों और कठिन रास्तों के कारण विकास से दूर माना जाता था। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती थी। एक समय ऐसा था जब एक छोटी सी झोपड़ी में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई थीं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और गांव-गांव पहुंचकर लोगों का इलाज किया। लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के चलते मिनपा क्षेत्र में अब बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 में यहां नया उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार किया गया, जिसमें आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रयोगशाला कक्ष और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की गई।

आज यह उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा सहित दुलेड़, एलमागुंडा, भटपाड़, पोट्टेमडगू, टोंडामरका और गुंडराजपाड़ जैसे दूरस्थ गांवों के लगभग 3,593 ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सुविधा बन चुका है।

इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत स्वास्थ्य कर्मचारियों का समर्पण है। पोट्टेमडगू, दुलेड़, गुंडराजपाड़ और भाटपाड़ जैसे पहुंचविहीन गांवों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कठिन जंगल रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार एक दिन में लौटना संभव नहीं हो पाता, तब कर्मचारी गांवों में रुककर ‘नाईट कैंप’ लगाते हैं और रात में भी मरीजों का उपचार करते हैं।

इसी मेहनत और सेवाभाव का परिणाम है कि आज मिनपा उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हर महीने यहां लगभग 4 सुरक्षित प्रसव कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का संस्थागत प्रसव के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

READ ALSO  CG में मौसम बदलेगा मिजाज, चक्रवाती सिस्टम से बारिश की संभावना; फसलों को लेकर किसान चिंतित

मिनपा स्वास्थ्य केंद्र की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 15 मई 2026 को इस केंद्र ने ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक’ (NQAS) कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि मितानिन, एएनएम, सीएचओ, सुपरवाइजर, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर और जिला प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
एक छोटी झोपड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंच चुका है। मिनपा की यह कहानी बताती है कि मजबूत संकल्प, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और कर्मचारियों की निष्ठा से सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचाई जा सकती है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button