मध्य प्रदेशराज्‍य

CM मोहन यादव का बड़ा बयान, माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास और रोजगार पर जोर

By Admin|20 May 2026, 4:05 PM
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भोपाल
 छत्तीसगढ़ के बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ने केंद्र सरकार द्वारा तय समय सीमा से पहले माओवादी समस्या के उन्मूलन में सफलता हासिल की है।

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उन्होंने बताया कि कई इनामी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि सुरक्षा बलों और जवानों को लगातार प्रोत्साहित किया गया, जिससे नागरिकों का सरकार पर विश्वास मजबूत हुआ है।

केंद्रीय मंत्री शाह और कई मुख्यमंत्री रहे मौजूद
मुख्यमंत्री ने माओवादी समस्या मुक्त भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे।

330 करोड़ रुपये से होगा विकास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि माओवादी प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रभावित गांवों के लिए 330 करोड़ रुपये की लागत से सूक्ष्म विकास योजना लागू की गई है। इसके तहत सड़क, पुल, मोबाइल टावर और नई सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुशासन और जनकल्याण से जुड़े प्रयासों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने सहकारिता, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, शहरी विकास, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की प्रगति को रेखांकित किया।बैठक में सुशासन, जनकल्याण, क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

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मोहन यादव सरकार एमपी को औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध
बीजेपी की डबल इंजन की सरकार ने एमपी में औद्योगिक सेक्टर के विस्तार के लिए सुगम नीतियां और अनुकूल वातावरण तैयार किया है। यही वजह है कि एमपी की मोहन यादव सरकार निवेशकों को आकर्षित कर रही है और प्रदेश को सशक्त बना रही है।

मालूम हो कि एमपी सरकार ने मध्य प्रदेश के औद्योगिक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार का फोकस निवेश आकर्षित करने, रोजगार बढ़ाने और राज्य को औद्योगिक हब बनाने पर रहा है। राज्य सरकार ने 2025 को 'उद्योग और रोजगार का वर्ष' घोषित किया, ताकि उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता दी जा सके।

साथ ही नई 'औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025' लागू की गई, जिसमें टेक्सटाइल, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, बायोटेक, रिन्यूएबल एनर्जी और डिफेंस सेक्टर के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं। सरकार ने अगले पांच सालों में 20 लाख रोजगार और औद्योगिक जीडीपी को 6 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

सीएम मोहन यादव ने डिजिटल ट्रांसमिशन कार्यक्रम में की शिरकत
उधर, पिछले दिनों एमपी के चीफ मिनिस्टर मोहन यादव ने जबलपुर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत समेत अन्य गणमान्य लोगों के साथ एक खास कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान सीएम मोहन ने कहा, 'मध्य प्रदेश न्याय और संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का प्रदेश है। आज जबलपुर में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ मुलाकात की।'

सीएम ने आगे कहा, 'केंद्रीय विधि एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के साथ 'डिजिटल ट्रांसमिशन: पेपरलेस कानूनी प्रणाली को आगे बढ़ाना' विषय पर आयोजित विधि व्याख्यान कार्यक्रम में विचार साझा किए। हमारे प्राचीन ग्रंथों में भारतीय न्याय परंपरा के कई महान उदाहरण मिलते हैं। आज न्याय व्यवस्था, लोकतंत्र और भारतीय मूल्यों के पुनर्जागरण का काल है।'

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