छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

फुलवासन बाई यादव पर कांग्रेस की नजर? अपहरण कांड के बाद टिकट की अटकलें, फुलवासन बाई को टिकट?

By kadwaghut|09 May 2026, 10:09 AM
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कांग्रेस की नई रणनीति?

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राजनांदगांव की राजनीति में इन दिनों पद्मश्री फुलवासन बाई यादव का नाम तेजी से चर्चा में है। अपहरण की कोशिश के बाद कांग्रेस नेताओं का लगातार उनके घर पहुंचना, उनकी सुरक्षा को लेकर आवाज उठाना और उनके पक्ष में प्रेस वार्ता करना अब सियासी मायनों में देखा जा रहा है।


दरअसल, पद्मश्री सम्मानित समाजसेविका फुलवासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आने के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया था। पुलिस की सतर्कता से बड़ी घटना टल गई और मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है। राजनांदगांव पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना के बाद कांग्रेस नेताओं की सक्रियता ने नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। कांग्रेस नेता फुलवासन बाई यादव से मिलने उनके घर पहुंचे, उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और उनके लिए सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की। अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कांग्रेस फुलवासन बाई यादव को आने वाले विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव से बड़ा चेहरा बना सकती है?


फुलवासन बाई यादव कोई सामान्य नाम नहीं हैं। महिला सशक्तिकरण और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उन्होंने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। इसी योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने लगभग 2 लाख महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के जरिए सशक्त किया है


राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस ऐसे चेहरे की तलाश में रह सकती है, जिसकी समाज में मजबूत पकड़ हो, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभाव हो और जो साफ-सुथरी सामाजिक छवि रखता हो। फुलवासन बाई यादव इन सभी पैमानों पर एक मजबूत चेहरा मानी जाती हैं।

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याद दिला दें कि डोंगरगांव में सोनिया गांधी के कार्यक्रम के दौरान फुलवासन बाई यादव ने मंच से उद्बोधन दिया था। उसी दौर से उनकी सामाजिक और सार्वजनिक पहचान को एक नई दिशा मिली। अब जब कांग्रेस नेता उनके समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं, तो यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस उन्हें राजनांदगांव विधानसभा की राजनीति में उतारने की तैयारी कर रही है?


हालांकि, टिकट को लेकर कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव को अभी समय भी है लेकिन अपहरण मामले के बाद कांग्रेस की सक्रियता और फुलवासन बाई यादव के पक्ष में लगातार उठ रही आवाजों ने सियासी अटकलों को जरूर हवा दे दी है।


अब देखना होगा कि यह मामला सिर्फ समर्थन और सुरक्षा मांग तक सीमित रहता है या फिर आने वाले समय में राजनांदगांव की राजनीति में कोई बड़ा मोड़ देखने को मिलता है।


राजनांदगांव में पद्मश्री फुलवासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश के बाद अब मामला राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस नेताओं का लगातार उनके घर पहुंचना, सुरक्षा की मांग उठाना और प्रेस वार्ता करना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस फुलवासन बाई यादव को आने वाले विधानसभा चुनाव में राजनांदगांव से बड़ा चेहरा बना सकती है? हालांकि, टिकट को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। विधानसभा चुनाव मे अभी ढाई साल से ज्यादा बाकी है

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