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हाजीपुर में खुलेगा तीसरा NIFTEM, किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

By Admin|17 May 2026, 1:41 PM
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पटना

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बिहार में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश में पहला निफ्टेम हरियाणा के सोनीपत के कुंडली में स्थापित किया गया था। जबकि, दूसरा संस्थान तमिलनाडू के तंजावुर में है। केन्द्र ने बिहार में तीसरे संस्थान की मंजूरी दी है। शनिवार को उन्होंने एक्स पर पोस्टकर लिखा कि वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे निफ्टेम की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

यह 100 एकड़ में विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता को नई ऊंचाई देगा और हमारे किसानों, युवाओं तथा उद्यमियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। सीएम ने पोस्ट में आगे लिखा कि एनडीए सरकार का संकल्प स्पष्ट है, नए अवसर, नई रफ्तार, समृद्ध बिहार। दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस संस्थान के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी दी गई है। इसके बाद यहां संस्थान स्थापित करने का रास्ता प्रशस्त हो गया।

क्या है निफ्टेम
निफ्टेम उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित उच्च शिक्षा संस्थान है। यह चार वर्षीय बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक), दो वर्षीय मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (एमटेक) और पीएचडी डिग्री प्रदान करता है। यह खाद्य और कृषि व्यवसाय प्रबंधन पर एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। बीटेक में जेईई मेन्स से होता है। एमटेक में प्रवेश इंजीनियरिंग में स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) और व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित है।

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बालगृह के बच्चे उद्यमी भी बनेंगे
इधर बिहार में बालगृहों में रहने वाले बच्चे भी अब होटल मैनेजर और उद्यमी बनेंगे। राज्य सरकार ने बालगृह के बच्चों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है। समाज कल्याण विभाग की राज्य बाल संरक्षण समिति ने 14 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों में नि:शुल्क आवासीय प्रशिक्षण देने कीकार्ययोजना तैयार की है। मिशन वात्सल्य के तहत घर और परिवार से बिछड़ चुके बाल देखरेख संस्थानों (बालगृहों) में रह रहे 16 से 18 वर्ष के किशोरों तथा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके केयर लीवर्स को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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