छत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : समाज को धर्म और सदाचार की राह दिखाते हैं साधु : मुनि संवेगरत्न सागर…

By kadwaghut|23 Oct 2026, 5:03 PM
f X W

शाश्वत नवपद ओली के पांचवें दिन साधु पद की आराधना

रायपुर । “जगत में साधु नहीं होते तो जनसमुदाय भटकता ही रहता। साधु समाज को सही राह दिखाने का कार्य करते हैं।” यह बातें विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में मुनि संवेगरत्न सागर ने धर्मसभा में कही। सर्वमंगलमय वर्षावास के तहत चल रही नौ दिवसीय शाश्वत नवपद ओली आराधना के पांचवें दिन साधु पद की आराधना की गई।

मुनिश्री ने कहा कि साधु त्याग, तप, संयम और आत्मसाधना के माध्यम से मोक्ष मार्ग पर आगे बढ़ते हैं। वे स्वयं संयम का पालन करते हुए समाज को धर्म और सदाचार की राह दिखाते हैं। साधु का जीवन ज्ञान, ध्यान, तप, जप और वैराग्य को समर्पित होता है। वे विपरीत परिस्थितियों, उपसर्गों और परीषहों को भी समताभाव से सहन करते हैं।

मुनिश्री ने कहा कि सच्चे साधु मेरु पर्वत के समान स्थिर और निष्कंप रहते हैं। परिस्थितियां कैसी भी हों, वे अपने संयम और साधना से विचलित नहीं होते। साधु पद का मूल उद्देश्य आत्मकल्याण के साथ जीव मात्र के प्रति करुणा और अभय भाव रखना है।

मुनिश्री ने कहा कि जैन धर्म में सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र को मोक्ष मार्ग का आधार माना गया है। साधु इन रत्नत्रय की आराधना करते हुए क्रोध, मान, माया और लोभ जैसी कषायों पर विजय पाने का प्रयास करते हैं। पांच महाव्रतों का पालन, इंद्रियों पर नियंत्रण और जीवों की रक्षा उनकी साधना के प्रमुख अंग हैं।

विवेकानंद नगर में 80 श्रावकों का आयम्बिल तप जारी
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया एवं महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि शाश्वत नव पद ओली की आराधना भक्तिमय वातावरण में जारी है। पांचवें दिन साधु पद की आराधना मुनिश्री की पावन निश्रा में की गई। मुनिश्री के मुखारविंद से जिनवाणी का श्रवण पर सभी आत्मकल्याण के मार्ग में आगे बढ़ रहे हैं।

READ ALSO  राजनांदगांव : आरागांव में शुरू हुआ एनएसएस का 7 दिवसीय शिविर, किया जागरूक...

विवेकानंद नगर में शाश्वत नवपद ओली की आराधना के अंतर्गत 80 श्रावकों का आयम्बिल तप जारी है। इसमें साधक एक समय, एक स्थान पर बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं। बिना मसाले और खटाई के भोजन में छह विगय—तेल, घी, दूध, दही, मक्खन और शक्कर—का त्याग रहता है। चातुर्मास में आत्म शुद्धि के लिए तपस्या का क्रम निरंतर जारी है।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button