उत्तर प्रदेशराज्‍य

आकांक्षी जिलों के तबादले और कार्यक्षेत्र बदलाव पर भी शिक्षकों में नाराजगी, निदेशालय पहुंचे

By Admin|16 May 2026, 2:51 PM
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लखनऊ

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माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मी जून-जुलाई में जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इस दौरान होने वाली भर्ती परीक्षाओं के कारण शिक्षकों के जिला मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। जिला स्तर पर डीआईओएस द्वारा इसके आदेश जारी किए जा रहे हैं।

जून-जुलाई में लेखपाल भर्ती लिखित परीक्षा, पुलिस भर्ती, जीआईसी प्रवक्ता, बीएड परीक्षा, यूपीटेट समेत आधा दर्जन से अधिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही जनगणना का भी भौतिक काम शुरू होने वाला है। ऐसे में ये शिक्षक गर्मी की छुट्टियों का भी लाभ नहीं उठा सकेंगे।

डीआईओएस की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आकस्मिक व वैध कारण होने पर ही जिला विद्यालय निरीक्षक की अनुमति से वे जिला मुख्यालय से बाहर जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें लिखित अनुमति लेनी होगी।

वहीं माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. महेंद्र देव ने कहा कि परीक्षा कराने के लिए अनुभवी शिक्षकों की जरूरत होती है। लिहाजा स्कूलों के शिक्षक व स्टाफ को ही इसमें ड्यूटी लगाई जाती है। कक्ष निरीक्षक बनाया जाता है ताकि किसी प्रकार की कोई समस्या न हो।
 
माध्यमिक के दो अपर शिक्षा निदेशक के कार्यक्षेत्र में बदलाव
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने समूह क श्रेणी के दो अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। विभाग के संयुक्त सचिव संदीप परमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सुरेंद्र कुमार तिवारी को अपर शिक्षा निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) के पद पर तैनात किया गया है।

वहीं अपर शिक्षा निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) मनोज कुमार द्विवेदी को अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) बनाया गया है। इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करके इसका प्रमाण शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
 
आकांक्षी जिलों के शिक्षक तबादले के लिए पहुंचे निदेशालय
प्रदेश के आकांक्षी जिलों के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों ने अपने साथ दोहरा व्यवहार करने और तबादले का लाभ न देने का आरोप लगाया है। अपने तबादले के लिए कई जिलों के शिक्षक शुक्रवार को बेसिक से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के चक्कर काटते रहे लेकिन उन्हें कोई प्रभावी आश्वासन नहीं मिला है।

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शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2018 और 2020 में इन जिलों के तबादले पर रोक लगा दी गई थी। 2023 में मात्र 10 फीसदी शिक्षकों के ही तबादले हुए। इसमें अधिक भारांक वाले शिक्षकों का ही तबादला हुआ। वरिष्ठ शिक्षक इससे वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा नियमावली के तहत वरिष्ठता के आधार पर एक से दूसरे जिले में तबादला किया जाए। इसमें भारांक की भेदभावपूर्ण नीति को समाप्त किया जाए। वहीं, इन जिलों में लगी अघोषित रोक को तत्काल हटाया जाए ताकि हमारे परिवार को राहत मिल सके। शिक्षकों ने इस गर्मी की छुट्टी में इस आधार पर जल्द तबादला प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाई।

 

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