छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक समन्वय को लेकर बड़ी बैठक, भूमि संसाधन सचिव ने मुख्य सचिव से की भेंट

By Admin|15 May 2026, 8:42 PM
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भारत सरकार के भूमि संसाधन सचिव ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव से की सौजन्य भेंट

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विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा

जलग्रहण प्रबंधन, पीएम सिंचाई योजना, डिजिटल राजस्व सुधार और ई-पंजीयन की प्रगति पर हुई चर्चा

रायपुर,
भारत सरकार, भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेन्द्र भूषण ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील से सौजन्य भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में सुशासन के अंतर्गत जलग्रहण प्रबंधन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भुईयां पोर्टल, ई-कोर्ट और पंजीयन एवं स्टाम्प विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की गई। भूषण ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) और राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीय प्रगति का जायजा लिया।

राजस्व विभाग डिजिटलीकरण और ई-सुशासन

           बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने छत्तीसगढ़ में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर प्रस्तुतीकरण दिया। डिजिटल रिकॉड्स। के रूप में राज्य में भू-अभिलेखों का पूर्ण कंप्यूटरीकरण कर मॉडर्न रिकॉर्ड रूम स्थापित किए गए हैं। भू-नक्शा डिजिटलीकरण के तहत सभी भू-नक्शों को डिजिटल स्वरूप दिया गया है। भुईयां पोर्टल के माध्यम से डिजिटल किसान किताब अपडेट की गई है, जिसे भूमि स्वामी कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए रेवेन्यू ई-कोर्ट का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, भूमि का ऑटो डायवर्सन ऑनलाइन माध्यम से संपन्न हो रहा है।

पंजीयन एवं स्टाम्प पारदर्शी और पेपरलेस रजिस्ट्री

          वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग द्वारा तकनीक के समावेश से रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। ई-पंजीयन के तहत दस्तावेजों की रजिस्ट्री अब पूर्णतः ऑनलाइन और पेपरलेस मोड में की जा रही है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से अपॉइंटमेंट से लेकर रजिस्ट्री पूर्ण होने तक के अपडेट्स क्रेता-विक्रेता को भेजे जा रहे हैं। रजिस्ट्री की प्रति भी व्हाट्सएप से डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है।

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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जलग्रहण क्षेत्र विकास

         छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी (REWARD) के अधिकारियों ने पीएमकेएसवाई (WDC 2.0) की प्रगति साझा की। वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 45 परियोजनाओं के तहत 27 जिलों के 387 माइक्रो वाटरशेड में कार्य जारी है। 2.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के उपचार हेतु कुल 613.66 करोड़ रुपये की लागत तय है (केंद्र-राज्य अनुपात 60-40 प्रतिशत है)। भारत सरकार द्वारा हाल ही में (28 अप्रैल 2026) 30.14 करोड़ रुपये की केंद्रांश राशि जारी करते हुए परियोजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।

         बैठक में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव भुवनेश यादव, संयुक्त सचिव भारत सरकार भूमि संसाधन विभाग नितिन खाडे, संचालक भूमि संसाधन भारत सरकार श्याम कुमार सहित छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पंजीयन एवं स्टाम्प, छत्तीसगढ़ राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेन्सी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुये।

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