मध्य प्रदेशराज्‍य

साइबर अपराध, कानून व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों के लिए तकनीकी रूप से दक्ष बनें नव आरक्षक

By Admin|14 May 2026, 9:46 PM
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भोपाल

25वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल, भोपाल में गुरूवार को नव आरक्षकों के दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने बतौर मुख्‍य अतिथि परेड की सलामी ली एवं निरीक्षण किया।

समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है तथा आरक्षक पुलिस संगठन की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होते हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 11 माह के कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन एवं समर्पण के बाद तैयार हुए ये नव आरक्षक पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को और अधिक सशक्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है, जहां टीम भावना, अनुशासन, शारीरिक दक्षता एवं व्यवहारिक पुलिसिंग की सीख जीवनभर साथ रहती है। प्रशिक्षण के दौरान नवआरक्षकों को आउटडोर गतिविधियों, वेपन ट्रेनिंग, बलवा ड्रिल, कानून व्यवस्था, साइबर क्राइम, आधुनिक तकनीक एवं भीड़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों में प्रशिक्षित किया गया है, जो भविष्य की ड्यूटी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, कानून व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और शारीरिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है। उन्होंने विशेष सशस्त्र बल एवं मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों द्वारा नक्सल विरोधी अभियानों,दस्‍यु उन्‍मूलन, चुनाव ड्यूटी तथा अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में किए गए साहसिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता एवं साहस का परिचय देते हुए पुलिस जवानों ने अनेक अवसरों पर लोगों को सीपीआर देकर जान बचाना पुलिस की जनसेवा की भावना को उजागर किया है।

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उन्होंने आगामी सिंहस्थ-2028 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं में दक्षता भविष्य की पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

पुलिस महानिदेशक  मकवाणा ने नव आरक्षकों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने, ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं संविधान के प्रति निष्ठा के साथ कार्य करने तथा लगातार जनसंवाद करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि वर्दी धारण करने के बाद पुलिसकर्मी का एकमात्र धर्म जनसेवा, कानून का पालन एवं राष्ट्रहित होता है।

उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।। प्रत्येक पुलिसकर्मी को आमजन के प्रति संवेदनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए। जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है।

समारोह के दौरान 25वीं वाहिनी, विसबल भोपाल के सेनानी  नागेंद्र सिंह द्वारा प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ 15 जून 2025 को किया गया था, जिसमें महिला एवं पुरुष नव आरक्षकों को फायरिंग, रायट ड्रिल, कानून व्यवस्था, शारीरिक दक्षता एवं कानून के मूलभूत ज्ञान सहित आधुनिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में पहली बार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में साइबर क्राइम एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधों को शामिल किया गया, जिससे प्रशिक्षुओं को साइबर अपराधों से जुड़े “डूज़ एंड डोन्ट्स” की जानकारी भी दी गई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में कई नव आरक्षक साइबर कमांडो के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएंगे।

 नागेन्‍द्र सिंह ने बताया कि नवआरक्षकों ने राजकोट, गुजरात में आयोजित 74वीं अखिल भारतीय पुलिस हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 तथा जम्मू में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस कबड्डी क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशिक्षण संस्थान को गौरवान्वित किया।  सिंह ने कहा कि आरक्षक पुलिस विभाग की रीढ़ होते हैं तथा अनुशासन, शारीरिक दक्षता और जनसेवा की भावना के साथ प्रशिक्षित ये नव आरक्षक भविष्य में मध्यप्रदेश पुलिस के “देशभक्ति, जनसेवा” के ध्येय वाक्य को और अधिक सशक्त करेंगे।

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नव आरक्षकों द्वारा आकर्षक साइलेंट ड्रिल प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसमें अनुशासन, तालमेल एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षण दक्षता की प्रभावशाली झलक दिखाई दी। इसके साथ ही प्रशिक्षुओं ने विभिन्न योग आसनों का प्रदर्शन कर शारीरिक क्षमता, मानसिक संतुलन एवं फिटनेस के प्रति अपनी सजगता का परिचय दिया।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षक  देवेन्‍द्र कुमार गुप्‍ता 9वीं वाहिनी रीवा को प्रथम एवं  हर्षित कुशवाह 36वीं वाहिनी बालाघाट को द्वितीय पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही इनडोर एवं आउडडोर प्रशिक्षण में उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को भी सम्‍मानित किया। उन्होंने सफल आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं परिवारजनों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  चंचल शेखर,पुलिस महानिरीक्षक  इरशाद वली, पुलिस आयुक्‍त  संजय कुमार सहित अन्‍य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, विशेष सशस्त्र बल के अधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में नव आरक्षकों के परिजन उपस्थित रहे।

 

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