मध्य प्रदेश

राज्यपाल पटेल का संदेश — जनजातीय उत्थान में मिलकर करें कार्य, एन.जी.ओ. बनें भागीदार

By Admin|13 Nov 2025, 11:03 AM
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जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण प्रयासों में सहभागी बनें एन.जी.ओ. : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल ने ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट को किया संबोधित

भोपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट का आयोजन जनजातीय विकास और उत्थान प्रयासों की दिशा में सराहनीय पहल है। देशभर के सभी एन.जी.ओ. जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण प्रयासों में सहभागी बनें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में कुशाभाऊ सभागार में आयोजित ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी मौजूद थे।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशील है। उनके उत्थान के लिए संकल्पित और सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना अति पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास का अभूतपूर्व प्रयास है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान ग्रामीणों की मैदानी स्तर पर ही समस्याओं के समाधान का अभिनव कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि सभी एन.जी.ओ. जनजातीय कल्याण की योजनाओं को दूरस्थ अंचलो तक पहुँचाने में सक्रिय सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप जब ग्रामीण अंचलों में जांए जो जनजातीय समुदाय के साथ आत्मीय और विनम्र रहें। उनकी समस्याओं को धैर्य के साथ सुनें और त्वरित निवारण करने का प्रयास करें।

चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पर चिंतन करें

राज्यपाल पटेल ने देशभर के एन.जी.ओ. का आह्वान किया कि ऑल इंडिया मीट के विचार-विमर्श और सुझावों पर गंभीर चिंतन करें। चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान खोजे। जनजातीय सशक्तिकरण के लिए आवश्यक शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ट्राईबल गवर्नेंस आदि विभिन्न आयामों को जनजातीय क्षेत्रों की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने के नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सभी एन.जी.ओ. जनजातीय समुदाय को शिक्षा का महत्व जरूर बताएं। उन्हें सिकल सेल एनिमिया सहित अन्य स्वास्थ्य चुनौतियों के प्रति जागरूक करें। राज्यपाल पटेल ने जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के चिंतन पर आधारित ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट के आयोजन के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया।

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राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय समाज में भारत की संस्कृति, पर्यावरण और मानवीय मूल्यों की जड़ें गहराई तक बसी हैं। उनका जीवन दर्शन हमें सिखाता है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य, आत्मनिर्भरता और सहयोग ही समावेशी विकास का आधार हैं। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट का आयोजन अत्यंत प्रासंगिक और समयानुकूल है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में देश जब आगे बढ़ रहा है, ऐसे में जरूरी है कि जनजातीय समाज की भागीदारी इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा बने।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय विकास के लिए शिक्षा का स्वरूप ऐसा हो जो केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उसमें जीवन कौशल, स्थानीय ज्ञान और संस्कृति संरक्षण का भी समावेश हो। उन्होंने कहा कि अशासकीय संस्थाएँ, स्थानीय भाषा में पाठ्य सामग्री तैयार करें। डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देकर बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा, मातृ-शिशु पोषण, टी.बी., सिकल सेल रोग जागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा को व्यापकता प्रदान करना भी जरूरी है।

नीति निर्माण में समर्पित संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, राज्य सरकार देगी पूरा सहयोग

जनजाति कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजाति बहुल क्षेत्रों में काम कर रहे समर्पित अशासकीय संस्थाओं को राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। उनकी विशेषज्ञता का लाभ लेते हुए जनजातीय कल्याण की कार्ययोजनाएं और रणनीतियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास की योजनाएं बनाने में जमीनी स्तर के सुझावों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समर्पित स्वैच्छिक संगठन गहन रूप से सामाजिक आर्थिक संदर्भों में समस्याओं का परीक्षण करते हैं। जनजातीय समुदाय के आचार-व्यवहार को भी करीब से जानते हैं। उन्होंने जनजातीय समुदाय के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे छोटी घटनाओं से सबक लेकर व्यापक जनहितैषी नीतियां बन जाती हैं। डॉ. शाह ने कहा कि सरकार, समुदाय और समर्पित सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर काम करने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।

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उदघाटन सत्र के बाद विशेषज्ञ संस्थाओं के समूहों ने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार, शासन, प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव दिए। ट्राइफेड की डीजीएम सु प्रीति मैथिल ने आजीविका पर अपने समूह का प्रस्तुतिकरण करते हुए बताया कि वित्तीय समावेश, आजीविका स्कूल, संसाधनों का एटलस, उद्यमिता विकास करने संबंधी सुझाव दिए और राज्य के लिए अपने विचार रखे।

जनजातीय समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण में अशासकीय संगठनों की भूमिका, चुनौतियां एवं मुद्दे, वर्तमान में शिक्षा का स्तर, समग्र शिक्षा में संगठनों की भूमिका पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। रामकृष्ण मिशन मेघालय के स्वामी अनुरागनंदा ने सत्र की अध्यक्षता की। स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट कर्नाटक के प्रवीन कुमार सैयापराजु ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट की चुनौती को नियमित संपर्कों से दूर किया जा सकता है।

जनजातीय समुदाय की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियां, टीकाकरण एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने, टेली मेडिसिन, एमहेल्थ जैसे आधुनिक हस्तक्षेप से स्वास्थ्य सेवा बढ़ाने में अशासकीय संगठनों की भूमिका पर विचार हुआ। विवेकानंद मेडिकल मिशन वायनाड केरल के सुरेश ने सत्र की अध्यक्षता की। डॉ. सलोनी सिडाना एमडी नेशनल हेल्ड मिशन ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय संबंधी कठिनाइयों की चर्चा करते हुए बताया कि भाषा और भौगोलिक दूरी बड़ी समस्या है।

ट्राइफेड की डीजीएम सु मैथिल ने जनजाति अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, और आजीविका बढ़ाने, जनजातीय युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने, आजीविका के नए अवसर, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर स्वैच्छिक संगठनों ने अपने विचार रखे। राजस्थान बाल कल्याण समिति उदयपुर के मुकेश गौर ने सत्र की अध्यक्षता की।

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मती मीनाक्षी सिंह ट्राइबल सेल राजभवन ने जनजातीय विकास एवं शासन प्रशासन से जुड़े विषयों, राज्य की भूमिका, पंचायत राज संस्थाओं, ग्राम सभा पारंपरिक जनजातीय संस्थाओं जनजाति विकास एजेंसियों की भूमिकाओं पर चर्चा की। शिव गंगा झाबुआ के पद्म महेश शर्मा ने सत्र की अध्यक्षता की।

राज्यपाल पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह स्वरूप गोंडी पेंटिंग भेंट कर अभिनंदन किया। मंत्री डॉं. कुंवर विजय शाह ने कहा कि राज्य सरकार, एन.जी.ओ. मीट में प्राप्त हुए सुझाव और चिंतन बिन्दुओं पर सकारात्मकता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका आदि की बेहतरी के लिए राज्यपाल पटेल के संवेदनशील और सतत् प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (TRIFED), भोपाल (मध्यप्रदेश क्षेत्र) की डीजीएम सु मैथिल ने जनजातीय समुदाय की आजीविका सत्र, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की एम.डी. डॉ. सलोनी सिडाना ने स्वास्थ्य सत्र, अतिथि विद्वान स्वामी अनुरागानंदा ने शिक्षा सत्र और राजभवन जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मती मीनाक्षी सिंह ने ट्राइबल गवर्नेंस सत्र की चर्चा और सुझावों की जानकारी दी। आभार जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त डॉ. सतेन्द्र सिंह ने माना। ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट में पद्म महेश शर्मा, सुरेश, मुकेश गौर, जनजातीय कार्य मंत्रालय की डिप्टी डायरेक्टर जनरल सु अंशु सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा एवं देशभर के एन.जी.ओ. प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

 

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