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अधोसंरचना, निवेश और क्षमता निर्माण पर आधारित विकास परक बजट

By kadwaghut|24 Feb 2026, 10:53 PM
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रायपुर, 24 फरवरी 2026/छत्तीसगढ़ का वार्षिक बजट को विधान सभा में प्रस्तुत किया गया. बजट में सामान्यतः नीतिगत घोषणाएँ और वित्तीय प्रावधान प्रमुख होते हैं, किंतु वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का दृष्टिकोण अपनी क्रमिक और सुसंगत विकास-रचना के कारण विशिष्ट है । वर्ष 2024 में GYAN (क्षमता निर्माण), 2025 में GATI (अधोसंरचना के माध्यम से विकास में तेजी) और अब 2026 में SANKALP (मिशन-आधारित एकीकृत प्रयास) SANKALP के सात स्तंभ उस बजट की विकास-दिशा को आकार देते हैं, जो 5,000 करोड़ रूपए से बढ़कर 1,72,000 करोड़ रूपए तक, लगभग 35 गुना विस्तार प्राप्त कर चुका है।

सामाजिक-आर्थिक और भौगोलिक समावेशन (समावेश)ः- उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में अधोसंरचना, शिक्षा और खेल सुविधाओं पर विशेष बल देते हुए यह बजट सुनिश्चित करना चाहता है कि इन क्षेत्रों के निवासी केवल विकास के लाभार्थी न रहें, बल्कि उससे संस्थागत रूप से जुड़कर विकास में भागीदार बनें। बजट में बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरणों को संयुक्त रूप से 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किए गए हैं। कृषि-आधारित एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 100 करोड़ रूपए की विशेष निवेश प्रोत्साहन योजना इन क्षेत्रों की उत्पादक संरचना को सुदृढ़ करने का प्रयास है।

पिछड़े क्षेत्रों में सर्व-ऋतु सड़कों का निर्माण तथा मौजूदा सड़कों का उन्नयन एक क्रमबद्ध दृष्टिकोण को दर्शाता है। पहले पहुंच सुनिश्चित करना, फिर गुणवत्ता सुधारना। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना, जो पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे हैं, इस नीति-दृष्टि का स्पष्ट संकेत है। इसके लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिससे संघर्ष-प्रभावित भू-भाग को शैक्षणिक केंद्रों में रूपांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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अधोसंरचना- दीर्घकालिक विकास का सक्षमकारी ढांचा

नगरीय क्षेत्रों में ध्यान उन्नयन और आधुनिकीकरण पर केंद्रित है। रायपुर में 100 करोड़ रूपए की लागत से विद्युत आपूर्ति की भूमिगत केबलिंग, सड़क विकास, तथा CG VAYU योजना के माध्यम से विमानन सुविधाओं का विस्तार। ये सभी तीव्र आर्थिक विस्तार के लिए आधारभूत तंत्र को मजबूत करेंगे। दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़ और कबीरधाम में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण, तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रूपए का प्रावधान। स्वास्थ्य संस्थागत क्षमता को गहराई प्रदान करेंगे। पूंजीगत व्यय 27,000 करोड़ रूपए निर्धारित है, जबकि जल संसाधन विभाग को 3,500 करोड़ रूपए का ऐतिहासिक आवंटन प्राप्त हुआ है, जिससे जल प्रबंधन बेहतर होना अपेक्षित है। अधोसंरचना को यहाँ केवल पूंजीगत व्यय के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास के सक्षमकारी ढांचे के रूप में परिभाषित किया गया है।

निवेश नीति- विस्तार और रणनीतिक स्थिति-निर्धारण

यह बजट औद्योगिक प्रतिबद्धता के विस्तार का संकेत देता है। उद्योग विभाग का आवंटन 2024-25 के 648 करोड़ रूपए से बढ़कर इस वर्ष 1,750 करोड़ रूपए हो गया है, अर्थात दो वर्षों में इसमें लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन नीति तीन आयामों में संगठित है।

पहला पारंपरिक औद्योगिक विस्तार के अंतर्गत 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना तथा भविष्य के औद्योगिक जोनों के लिए 200 करोड़ रूपए का भूमि बैंक प्रस्तावित है।
दूसरा मुख्यमंत्री AI मिशन के माध्यम से नवीन प्रौद्योगिकी में रणनीतिक मजबूती प्राप्त करना। यह मिशन AI प्रतिभा निर्माण, AI -आधारित स्टार्टअप प्रोत्साहन, तथा अनुसंधान एवं नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर केंद्रित है।
तीसरा, महत्वपूर्ण खनिजों और कृषि-आधारित मूल्य शृंखलाओं में विविधीकरण। सामरिक खनिज अन्वेषण ऊर्जा संक्रमण और उन्नत विनिर्माण की वैश्विक दिशा के संदर्भ में राज्य की स्थिति को सुदृढ़ करता है। 150 करोड़ रूपए की ऑयल पाम पहल के साथ साथ तिलहन, दलहन और प्राकृतिक खेती से संबंधित कार्यक्रम कृषि-औद्योगिक एकीकरण को प्रोत्साहित कर सकेंगे। इस प्रकार राज्य की निवेश नीति विभिन्न घोषणाओं के स्थान पर स्पष्ट मिशन-आधारित ढांचे में ढली दिखाई देती है।

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कुशल मानव संसाधन

विकसित होती अर्थव्यवस्था की स्थिरता उसके कार्यबल की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। इस बजट में मानव संसाधन रणनीति व्यापक है और विभिन्न कौशल स्तरों को संबोधित करती है। नई CG-ACE योजना के अंतर्गत NEET/JEE, UPSC/CGPSC तथा बैंकिंग/रेलवे परीक्षाओं की तैयारी हेतु 33 करोड़ रूपए का प्रावधान है। राज्य में सात छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान संचालित किए जा रहे हैं।

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