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Bhind News: ड्रोन की वजह से रुकी CM के हेलीकॉप्टर की उड़ान, हेलीपैड पर सुरक्षा में चूक की जांच तेज

By Admin|13 Jul 2026, 1:05 PM
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भिंड

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भिंड जिले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की सुरक्षा-व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई है. जब उनका हेलीकॉप्टर उड़ान भरने वाला था, तभी हेलीपैड के ऊपर एक ड्रोन उड़ता दिखाई दिया. इस वजह से पायलट ने वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तत्काल हेलीकॉप्टर को टेकऑफ करने से इनकार कर दिया. इस घटना से पुलिस अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति को संभाला. सीएम सहित हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोगों को लगभग 10 मिनट का इंतजार करना पड़ा और फिर हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी। 

सीएम डॉ मोहन यादव भिंड जिल के दंदरौआ हनुमान मंदिर पहुंचे थे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन किया. सके बाद वह ग्वालियर जाने वाले थे, जिसके लिए वह हेलीपैड पहुंचे. इस दौरान उनके साथ प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री राकेश शुक्ला और जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया भी थे. सभी हेलीकॉप्टर में सवार हो चुके थे। 

कार्यक्रम के बाद उड़ान भरते ही रुका हेलीकॉप्टर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर से हाजीपुर पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उनका हेलीकॉप्टर अक्षयवट राय स्टेडियम से पटना के लिए रवाना हुआ। उड़ान भरने के तुरंत बाद हेलीकॉप्टर ने आगे बढ़ने के बजाय आसमान में ही करीब सात मिनट तक एक ही स्थान पर होल्ड किया। इस अप्रत्याशित स्थिति से स्टेडियम में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया।

सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हुईं
इसी दौरान हेलीपैड के ऊपर ड्रोन उड़ता दिखाई दिया, जिसे देखते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और पायलट ने सुरक्षा कारणों से हेलीकॉप्टर उड़ाने से मना कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, स्पेशल सिक्योरिटी टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। 

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पुलिस ने घेराबंदी कर एक युवक को पकड़ा
पुलिस ने आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी कर ड्रोन संचालक की तलाश शुरू की. फिर थोड़ी ही देर में मंदिर परिसर की छत पर एक युवक दिखा, जो ड्रोन उड़ा रहा था. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और ड्रोन जब्त किया। 

ड्रोन उड़ाने वाले की हुई पहचान
पूछताछ में युवक की पहचान राघवेंद्र खेमरिया के रूप में हुई. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वह दंदरौआ धाम के सोशल मीडिया से जुड़े कार्य देखता है और कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग के उद्देश्य से ड्रोन उड़ा रहा था. हालांकि, उसने वीवीआईपी मूवमेंट और हेलीपैड के नो-फ्लाई जोन में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाकर गंभीर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया। 

तकनीकी खराबी नहीं, लोकेशन क्लियर होने का था इंतजार
करीब सात मिनट बाद हेलीकॉप्टर ने सामान्य रूप से उड़ान भरी और सुरक्षित पटना के लिए रवाना हो गया। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं आई थी। अधिकारियों के मुताबिक, पायलट को आगे की लोकेशन स्पष्ट रूप से नहीं मिल पा रही थी। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उन्होंने हेलीकॉप्टर को हवा में ही होल्ड करने का फैसला लिया। जैसे ही आगे की लोकेशन स्पष्ट हुई, हेलीकॉप्टर ने सामान्य रूप से अपनी उड़ान जारी रखी और सुरक्षित रवाना हो गया।

सीएसपी बोले- टेकऑफ के दौरान उड़ाया गया ड्रोन सीएसपी निरंजन राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर के टेकऑफ के दौरान हेलीपैड के ऊपर ड्रोन उड़ाए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को मंदिर की छत से पकड़ लिया। मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई के लिए मेहगांव थाना पुलिस को प्रकरण सौंप दिया गया है।

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ड्रोन, मोबाइल समेत डिजिटल उपकरण जब्त दंदरौआ धाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हेलीकॉप्टर के टेकऑफ के दौरान ड्रोन उड़ाने के मामले में पुलिस ने राघवेन्द्र खैमरिया से पूछताछ की। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि पुलिस ने ड्रोन, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए हैं।

मेहगांव थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा ने बताया कि घटना के समय उनकी ड्यूटी लहार कार्यक्रम में लगी थी। थाने पहुंचने पर राघवेन्द्र खैमरिया पुलिस हिरासत में मिले। उनके डिजिटल उपकरण जब्त कर जांच की जा रही है। मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, मंदिर प्रबंधन का कहना है कि राघवेन्द्र खैमरिया दंदरौआ धाम के अधिकृत कर्मचारी हैं और मंदिर का आधिकारिक यूट्यूब चैनल संचालित करते हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ड्रोन उड़ाने के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ या नहीं।

10 मिनट तक चली जांच
करीब 10 मिनट तक चले सुरक्षा सत्यापन और जांच के बाद एजेंसियों ने हेलीपैड को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया. इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर ग्वालियर के लिए रवाना हुआ. बताया जा रहा है ड्रोन उड़ाने बाले शख्स ने कोई प्रशानिक अनुमति भी नही ली थी। 

फिलहाल मेहगांव थाना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रोन उड़ाने में केवल लापरवाही थी या सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी चूक हुई है. इस घटना ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

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