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राजनांदगांव की बेटी सुष्मिता सिंह ने बढ़ाया प्रदेश का मान : UPSC IFS 2025 में हासिल की ऑल इंडिया 32वीं रैंक, जिले में खुशी की लहर

By kadwaghut|10 May 2026, 3:17 PM
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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की होनहार बेटी सुष्मिता सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित भारतीय वन सेवा परीक्षा (IFS) 2025 में शानदार सफलता हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। यूपीएससी द्वारा जारी अंतिम परिणाम में सुष्मिता सिंह ने ऑल इंडिया 32वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय वन सेवा (IFS) में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे राजनांदगांव जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।

सुष्मिता सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रदेशभर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री Raman Singh ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

पांचवें प्रयास में मिली सफलता

सुष्मिता सिंह ने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की। उन्होंने लगातार कई वर्षों तक कठिन परिश्रम, अनुशासन और धैर्य के साथ तैयारी की। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी भी की, लेकिन सिविल सेवा में जाने के अपने सपने को पूरा करने के लिए नौकरी छोड़कर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं। कठिन परिस्थितियों और असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः शानदार सफलता प्राप्त की।

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शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि

सुष्मिता सिंह की प्रारंभिक शिक्षा राजनांदगांव के जेएमजे नवजीवन स्कूल और रॉयल किड्स स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल सरकंडा, जैन इंटरनेशनल स्कूल बिलासपुर और डीपीएस भिलाई से स्कूली शिक्षा पूरी की। आगे चलकर उन्होंने UPS देहरादून से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री प्राप्त की।

उनके पिता भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार में प्रशासनिक और वन सेवा का माहौल होने के कारण सुष्मिता को बचपन से ही इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

अपनी सफलता का श्रेय सुष्मिता सिंह ने अपनी मां की प्रेरणा, पिता के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उनसे सीख लेकर लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।

सुष्मिता सिंह की यह उपलब्धि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। छोटे शहर राजनांदगांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करने वाली सुष्मिता ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

जिले में खुशी का माहौल

IFS में चयन की खबर सामने आने के बाद परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में खुशी की लहर दौड़ गई। राजनांदगांव और भिलाई में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और शुभकामनाएं देकर उनकी सफलता का जश्न मनाया। जिलेभर के लोग इसे राजनांदगांव की बेटियों की बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

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