बिहार / झारखण्डराज्‍य

सीएम सम्राट चौधरी के 7 बड़े फैसल,हेल्पलाइन, पुलिस दीदी और ठेके नीति में बदलाव

By Admin|16 May 2026, 7:41 PM
f X W

पटना

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार का गठन हुए एक महीना हो गया है। सम्राट चौधरी ने बीते 15 अप्रैल को उन्होंने लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अपने एक माह के कार्यक्रम में उन्होंने 7 बड़े फैसले लिए हैं। इनमें बिहार के 10 जिलों में 11 सैटेलाइट टाउनशिप बनाना भी शामिल है। इन टाउनशिप में पूरे प्लान के साथ कॉलोनियां बसेंगी। इनमें एक तरफ बाजार होंगे तो दूसरी ओर लोगों के रहने के लिए आवास तय होंगे। कॉलोनियों में चौड़ी सड़कों का निर्माण होगा।

कॉलोनियों को हरा-भरा रखने के लिए सड़कों के किनारे और पार्कों में बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट में एक है। इसमें सासाराम को जोड़ने का प्रस्ताव आया है। इससे शहरी दबाव में कमी आएगी, लोगों को सुविधायुक्त जीवन का लाभ मिल सकेगा।

इन स्थानों पर बनेंगी टाउनशिप
पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूर्णिया, मुंगेर में अंग, सीतामढ़ी में सीतापुरम, भागलपुर में विक्रमशिला, मुजफ्फरपुर में तिरहुत और छपरा में सारण नाम से टाउनशिप बनेगी।

हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज
सम्राट सरकार ने अपने दूसरी कैबिनेट की बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के चयनित एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को ‘मॉडल स्कूल’ के रूप में विकसित करने की योजना को मंजूरी दी।

साथ ही इसके लिए मुख्यमंत्री ₹800 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी, ताकि इस योजना को धरातल पर उतारने में दिक्कत नहीं आए। वहीं, उन्होंने डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए ₹104 करोड़ (₹50 लाख प्रति कॉलेज) भी स्वीकृत किए। इसके लिए 9152 पदों का सृजन होगा।

READ ALSO  यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी बड़ी राहत, 238 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन की तैयारी; 1,500 का अगला लक्ष्य

सहयोग पोर्टल और सहयोग शिविर
लोगों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन और सरकार के उत्तरदायित्व को ध्यान में रखकर सहयोग की त्रिवेणी को शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सहयोग हेल्पलाइन : 1100, सहयोग पोर्टल : sahyog.bihar.gov.in और पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाने का निर्णय लिया है।

शिविर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लगेंगे। शिविर में ब्लॉक, थाना और अंचल की तमाम शिकायतों की सुनवाई होगी। पोर्टल पर सरकारी योजना से जुड़ी शिकायत के निबटारे के लिए 30 दिन का लक्ष्य तय है। 30 में शिकायत का निबटारा नहीं होता है, तोदोषी अधिकारी या कर्मचारी का निलंबन तय है।

निजी स्कूलों में मनमानी फीस पर लगाम
निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर भी एक बड़ी पहल मुख्यमंत्री ने की। उन्होंने कहा है कि निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। मनमानी फीस बढ़ोतरी और अनावश्यक शुल्क पर रोक रहेगी। छात्रों के परिजनों को किताबें और यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन किसी को खास दुकान से खरीदने को बाध्य नहीं करेंगे।

50 करोड़ तक के ठेके बिहारियों को मिलेंगे
छठे फैसले में 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में राज्य के ठेकेदारों (संवेदकों) को प्राथमिकता देने के लिए बिहार लोक निर्माण संहिता में संशोधन किया गया। अब से 50 करोड़ रुपये तक कार्यों के ठेके बिहारियों को मिलेंगे। इससे राज्य के लोगों को काम के अधिक मौके मिलेंगे।

‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाना तथा पुलिस और समाज के बीच भरोसे को मजबूत करना है। इसके लिए 1500 स्कूटी महिला पुलिस के लिए खरीदने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज और स्कूल के सामने पुलिस दीदी की तैनाती होगी, ताकि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर नकेल कसी जा सके।

READ ALSO  त्योहारों से पहले घी की कीमतों में तेजी, जयपुर में ₹725 किलो पहुंचा गाय का घी; जानें मंडी के ताजा भाव
अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins