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वन हेल्थ मॉडल से झारखंड 2030 तक रैबीज मुक्त बनाने की तैयारी में

By Admin|09 Jul 2026, 5:42 PM
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 रांची
 झारखंड में वर्ष 2030 तक रैबीज से होने वाली मौतों को शून्य पर लाने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तत्वावधान में बुधवार को नामकुम स्थित आरसीएच कैंपस में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में रैबीज उन्मूलन के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने पर मंथन किया गया।

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बैठक की अध्यक्षता एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने की। बैठक में अभियान निदेशक ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी-रैबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोब्युलिन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी सिविल सर्जनों को अस्पतालों में कम-से-कम तीन माह का बफर स्टाक रखने तथा स्टाक कम होते ही समय पर इंडेंट भेजने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी मरीज को दवा के अभाव में परेशानी न हो।

बैठक में भारत सरकार के राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत वन हेल्थ दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। इसके तहत स्वास्थ्य, पशुपालन, नगर निगम, वन विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर रैबीज नियंत्रण की रणनीति पर काम करेंगे। आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए मानवीय तरीके अपनाने, शेल्टर होम विकसित करने तथा उनके भोजन और देखभाल की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

बैठक में बताया गया कि झारखंड की राज्य कार्ययोजना का प्रारूप जुलाई में तैयार कर समीक्षा के लिए भेजा जाएगा। अगस्त में इसे अंतिम रूप देने के बाद 28 सितंबर, विश्व रैबीज दिवस के अवसर पर आधिकारिक रूप से लांच किया जाएगा।

बैठक में राज्य रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी डा. बीरेंद्र कुमार सिंह, आईईसी के राज्य नोडल पदाधिकारी डा. राहुल किशोर सिंह, रांची नगर निगम के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. निशांत कुमार सिंह एवं डा. नैना कुमारी, पशुपालन निदेशालय के संयुक्त अनुसंधान निदेशक डा. शैलेंद्र कुमार सिंह, रिम्स के पीएसएम विभागाध्यक्ष डा. एस. सुंदरम, वन विभाग के प्रतिनिधि संजय कुमार सिन्हा, डा. प्रवीण कर्ण, डा. जिगीशा श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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क्या है लक्ष्य
    वर्ष 2030 तक रैबीज से शून्य मृत्यु का लक्ष्य।
    सभी सरकारी अस्पतालों में तीन माह का एंटी-रैबीज स्टॉक अनिवार्य।
    स्वास्थ्य, पशुपालन, नगर निगम व वन विभाग के संयुक्त प्रयास से वन हेल्थ माडल लागू।
    28 सितंबर 2026 को विश्व रैबीज दिवस पर राज्य कार्ययोजना का औपचारिक शुभारंभ।

 

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