छत्तीसगढ़

CG : सचिन तेंदुलकर बनकर 45 लाख की धोखाधड़ी, भिलाई में FIR दर्ज …

By kadwaghut|05 May 2026, 11:06 AM
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भिलाई। हुडको भिलाई निवासी सेवानिवृत्त बीएसपी कर्मचारी जयंत बागची ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने के नाम पर 45 लाख 18 हजार 998 रुपये की धोखाधड़ी का शिकार हो गया। प्रार्थी के मुताबिक आरोपितों द्वारा फेसबुक पर देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर एवं सुधा मूर्ति द्वारा भी निवेश के संबंध में कही जा रही बातों का वीडियो दिखाकर उसे झांसे में लिया गया। मामले में भिलाई नगर पुलिस ने धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। प्रार्थी ने पुलिस को दर्ज रिपोर्ट में बताया है कि वह भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त कर्मचारी है इसके पूर्व में भारतीय सेना में भी अपनी सेवा दे चुका है।

प्रार्थी 10 मार्च 2026 को अपने मोबाइल नंबर पर फेसबुक देख रहा था। प्रार्थी के मुताबिक उसमें भारत देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा कुछ बातें कही जा रही थीं एवं प्रसिद्ध व्यक्ति जैसे सचिन तेंदुलकर एवं सुधा मूर्ति के द्वारा भी निवेश के संबंध में कही जा रही थीं। उपरोक्त बातों से प्रभावित होकर प्रार्थी ने उपरोक्त संबंध में लिंक हेतु रजिस्ट्रेशन किया। प्रारंभिक रूप से प्रार्थी की बात कृतिका से हुई जिसने उसे पंजीयन के लिए 18,999 रुपये देने कहा। प्रार्थी द्वारा नेट बैंकिंग के माध्यम से उक्त राशि प्रेषित करने के बाद उसका पंजीयन भी हो गया। दो दिन बाद कृतिका ने व्हाट्सएप कॉल कर एकाउंट मैनेजर सिद्धार्थ विपुल से बात कराई। सिद्धार्थ विपुल ने प्रार्थी को बताया कि उन लोग ऑनलाइन ट्रेडिंग में राशि निवेश करेंगे, उनका चार देशों में यूके, यूएसए, जापान और ऑस्ट्रेलिया में व्यापार है।

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इसके बाद प्रार्थी नेट बैंकिंग के माध्यम से अलग-अलग तिथियों में राशि निवेश करता रहा। इस बीच 26 मार्च 2026 को सिद्धार्थ विपुल ने करण तनेजा नामक व्यक्ति से उसके व्हाट्सएप पर प्रार्थी की बात कराई। करण तनेजा ने प्रार्थी से कहा कि वर्तमान में ईरान, अमेरिका, इजराइल के मध्य युद्ध चल रहा है जिसमें सोने के भाव गिर गए हैं। भविष्य में इसमें तेजी आने की संभावना है और इसमें निवेश किया जाना लाभप्रद होगा। इस पर प्रार्थी ने 27 मार्च 2026 को आरटीजीएस के माध्यम से 25 लाख रुपये निवेश कर दिए। इस बीच भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपितों ने प्रार्थी के बैंक खाते में एक बार 9,229 रुपये और एक बार दो लाख रुपये डाल दिए। इससे प्रार्थी को लगा कि निवेश सही दिशा में हो रहा है। इसके बाद आरोपितों ने ऑयल ट्रेडिंग सहित अन्य सेक्टरों में निवेश के नाम पर कुल 45 लाख 18 हजार 999 रुपये जमा करा लिए।

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