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UP में पहली बार जातिगत जनगणना, आजादी के बाद यह बड़ा कदम, जानें कैसे होगा इसका पालन

By Admin|02 May 2026, 4:06 PM
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  लखनऊ

उत्तर प्रदेश में जातीय जनगणना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. जनगणना निदेशक और मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने बताया कि राज्य में जातीय जनगणना की तैयारी की जा रही है. शीतल वर्मा ने ये भी बताया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में बांटा गया है। 

पहले फेज में 'हाउस होल्ड लेवल' यानी घरेलू स्तर पर डेटा जुटाया जाएगा. इसमें परिवारों की बुनियादी जानकारी और मकानों की लिस्ट तैयार की जाएगी. दूसरा चरण सबसे अहम चरण होगा। 

दूसरे फेज की जनगणना फरवरी में शुरू होगी जिसमें 'व्यक्तिगत डेटा' का कलेक्शन किया जाएगा. इसी दौरान लोगों से उनकी जाति के बारे में जानकारी ली जाएगी। 

वर्मा ने जानकारी दी कि दूसरे फेज में होने वाली ये गणना, आजादी के बाद पहली बार होगी. केंद्र सरकार की नीति के तहत इस बार जातिगत आंकड़ों को जनगणना का हिस्सा बनाया जा रहा है. अब तक जनगणना में जातियों का विवरण इस तरह व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया जाता था। 

फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण
इसमें जनगणना एजेंट घर-घर जाकर हर मकान की स्थिति, परिवार को मिलने वाली सुविधाएं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी एक मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज करेंगे। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इस दौरान जनसंख्या की विस्तृत गणना की जाएगी। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह प्रक्रिया पहले चरण में जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर आगे बढ़ेगी। राज्य में जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। करीब 5.25 लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

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इस बार की जनगणना में जातिगत जनगणना भी शामिल
इनमें सभी 18 मंडल आयुक्त, 75 जिलाधिकारी, 17 नगर आयुक्त, 600 जिला स्तरीय अधिकारी, 1195 चार्ज अधिकारी, 285 मास्टर ट्रेनर, 6939 फील्ड ट्रेनर के साथ लगभग 5 लाख पर्यवेक्षक और प्रगणक शामिल हैं। इस बार की जनगणना में जातिगत जनगणना भी शामिल होगी, जो दूसरे चरण में की जाएगी। इसे आजादी के बाद पहली बार लागू किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए अभी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार नहीं हुई है।

शीतल वर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में केंद्र सरकार की नीति के अनुसार जातीय जनगणना होगी। पहले चरण में केवल मकानों और घरेलू जानकारी का डेटा लिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में व्यक्तिगत स्तर पर विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह जनगणना आने वाले समय में विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अभी एसओपी का इंतजार
भले ही जातिगत जनगणना प्रक्रिया शुरू करने की तैयारियां हो रही हैं, लेकिन अभी इसकी एसओपी (Standard Operating Procedure) तय होना बाकी है. जातिगत जनगणना की प्रक्रिया कैसे चलेगी और किन नियमों का पालन होगा, इसके लिए एसओपी का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। 

नीति और डेटा सुरक्षा
शीतल वर्मा ने बताया कि जातीय जनगणना पूरी तरह से केंद्र सरकार की निर्धारित नीतियों के तहत ही पूरी होगी. व्यक्तिगत डेटा कलेक्शन के दौरान प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। 

जातिगत जनगणना उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक ढांचे के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है. फरवरी में होने वाले दूसरे चरण पर प्रशासन और जनता, दोनों की नजरें टिकी हुई हैं. इसके जरिए राज्य की आबादी के असल जातीय आंकड़े सामने आ पाएंगे। 

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जानें महत्वपूर्ण बातें

    जनगणना में caste census यानी जातिगत जनगणना भी होगी यह दूसरे चरण में होगा
     
    आजादी के बाद पहली बार होगी जातिगत जनगणना
     
    जातिगत जनगणना दूसरे चरण में होगी।
     
    अभी जातिगत जनगणना की प्रक्रिया sop का बनना बाकी है।
     
    जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा का बयान।
     
    दूसरे फेज फरवरी में होगी जातीय जनगणना।
     
    दूसरे फेज में केंद्र की नीति के तहत होगी जातीय जनगणना।
     
    पहले फेज में हाउस होल्ड लेवल डाटा कलेक्शन होगा।
     
    दूसरे फेज में व्यक्तिगत डाटा कलेक्शन होगा।
     
    अभी जातीय जनगणना की SOP नहीं की गई तय।
     
    दूसरे फेज में आजादी के बाद पहली बार होगी जातीय जनगणना।

 

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