राजस्थानराज्‍य

पार्वती-कालीसिंध-चंबल और नर्मदा परियोजनाओं से राजस्थान में खुलेगा विकास का नया रास्ता

By Admin|08 Jul 2026, 9:22 PM
f X W

जयपुर
भारत सरकार के मार्गदर्शन एवं पड़ोसी राज्यों के साथ आपसी समन्वय एवं सहयोग से राजस्थान द्वारा हाल ही में पार्वती–कालीसिंध एवं चम्बल नदियों के जल के बेहतर उपयोग के लिए एमपीकेसी परियोजना तथा हथिणीकुंड बैराज से राजस्थान के शेखावाटी अंचल में जल उपयोग को लेकर  हाल ही में ऐतिहासिक समझौते हुए हैं, जिससे कि राज्य के अभावग्रस्त क्षेत्रों में जल उपयोग के साथ ही सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति का रास्ता खुला है।

Advertisement
Advertisement

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की मौजूदगी में राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच नर्मदा अवार्ड के लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हुआ । राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली में मंगलवार को  महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता सरदार सरोवर परियोजना की निर्माण लागत में राज्यों की हिस्सेदारी से जुड़े लंबे समय से लंबित विवादों के अंतिम निपटारे (वन-टाइम सेटलमेंट) का मार्ग प्रशस्त करता है।

मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान द्वारा सहभागिता एवं सहकारी संवाद की भावना से वर्षों से लंबित नर्मदा नदी के लंबित मुद्दों का समाधान संभव हो पाया है। इस समझौते से नर्मदा नदी के जल का बेहतर उपयोग होगा।

नर्मदा जल विवाद प्राधिकरण द्वारा वर्ष 1979 में अवार्ड के माध्यम से राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात एवं महाराष्ट्र के मध्य जल आवंटन किया गया था। इस अवार्ड के अंतर्गत क्लॉज IV/5 के प्रावधान के अनुसार कोई भी राज्य मानसून काल के दौरान उपलब्ध अधिशेष जल का उपयोग अपने राज्य में कर सकता है। यह अधिशेष जल उस राज्य के खाते में नहीं जोड़ा जाएगा।

READ ALSO  मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 15 जिलों में अलर्ट; उज्जैन में पुराना महाकाल द्वार ढहा, शिवपुरी में युवक की मौत

मानसून काल के दौरान प्राप्त होने वाले अधिशेष जल के भण्डारण हेतु वर्ष 2026–27 की बजट घोषणा के क्रम में डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। इससे पश्चिमी राजस्थान के वंचित क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins