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निवेशकों के अनुकूल माहौल के लिए गोरखपुर अधिकारियों ने लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया

By Admin|01 May 2026, 7:31 PM
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 गोरखपुर

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मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में गीडा औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी का मामला छाया रहा।उद्यमियों के द्वारा ट्रिपिंग, कटौती और बिजली संबंधी समस्याओं के दूर करने में विभाग की लापरवाही संबंधी मामला उठाने पर कमिश्नर ने सख्त रूख अपनाया।

उन्होंने मुख्य अभियंता को तत्काल प्रभाव से एक्सईएन से नोडल की जिम्मेदारी हटाने और एसडीओ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों की स्थापना एवं संचालन में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए तथा निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

गुरुवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में हुई मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित हुई। बैठक में चैंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि गीडा के उद्यमी लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं।

इस दौरान अन्य उद्यमियों ने बताया कि गीडा में तैनात एक्सईएन के पास नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी भी है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा। एक्सईएन से संपर्क करने पर अक्सर वह शहर से बाहर या बैठक में होने की बात कहते हैं, जिससे समस्याओं का समाधान लंबित रहता है।

इस पर डीएम दीपक मीणा ने भी एक्सईएन से नोडल प्रभार हटाने की जरूरत बताई, जिसे स्वीकार करते हुए विभाग ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस पर कमिश्नर के तत्काल प्रभाव से एक्सईएन से नोडल की जिम्मेदारी हटाने और एसडीओ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंता ने मौके पर ही इस आदेश का पालन करने का भरोसा दिया।

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एलपीजी टैंकर का मामला सुलझा, मेंटेनेंस शुल्क व सीईटीपी अटका
बैठक में उद्यमियों ने गीडा क्षेत्र में सड़कों पर अवैध रूप से खड़े एलपीजी टैंकरों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। इसे गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने एसपी ट्रैफिक और आरटीओ को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करने और नियमों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उद्योगों की स्थापना और संचालन में आ रही बाधाओं को लेकर भी चर्चा हुई।

कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेशकों को अनुकूल माहौल देने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। हालांकि, गीडा क्षेत्र में उद्यमियों की समस्याएं लगातार उठने के बावजूद समाधान नहीं निकल पा रहा है। मेंटेनेंस शुल्क का मुद्दा लगातार तीन बैठकों से लंबित है।

उद्यमियों का कहना है कि गीडा एक्ट के अनुसार लैंड कास्ट का एक प्रतिशत से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकता, जबकि प्रशासन हर वर्ष करीब 13 प्रतिशत वसूल रहा है। इसके बावजूद इस बार भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। वहीं, कामन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) का मामला करीब 12 बैठकों से एजेंडे में होने के बावजूद अधर में है। इसके संचालन को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बन सकी है।

निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित स्वीकृतियों, अनापत्तियों और अनुमोदनों की समीक्षा भी की गई। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण तय समय सीमा के भीतर प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस दौरान सांख्यिकी विभाग से जुड़े मामलों में भी बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, सीईओ गीडा अनुज मलिक, उद्यमी प्रवीण मोदी, भोला जायसवाल, अशोक साव, उमेश छापड़िया समेत कई अधिकारी और उद्यमी मौजूद रहे।

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कमिश्नर सभागार में हो गई उद्योग बंधु की बैठक
बुधवार को विकास भवन स्थित सभागार में शाम पांच बजे से जिला उद्योग बंधु की बैठक आयोजित होनी थी। जबकि चार बजे से मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक। मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में सभी अधिकारी व उद्यमी भी मौजूद रहे। इस दौरान डीएम ने मौके पर उद्यमियों से उनकी परेशानियों और मुद्दों पर चर्चा की। वहां भी बिजली के अलावा कुछ मामले उठाए गए। डीएम ने सभी मामलों पर बातचीत कर उनके तत्काल निस्तारण का भरोसा दिया।

 

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