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कूनो में चीते को गोली मारने का रहस्य गहराया, पांच छर्रे मिलने के बाद जांच में जुटा केंद्रीय दल

By Admin|29 Oct 2026, 10:31 PM
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 श्योपुर

 कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक के शिकार मामले की जांच केंद्रीय टीम ने भी शुरू कर दी है। गुरुवार को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की डायरेक्टर रुचिका ऋषि व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के महानिरीक्षक डॉक्टर संजयन कुमार कूनो पार्क पहुंचे।

कूनो प्रबंधन से जानकारी लेने के बाद उस स्थान का मुआयना किया, जहां चीता गंभीर घायलावस्था में मिला था।

बता दें कि, कूनो पार्क से बाहर विजयपुर वन परिक्षेत्र में 25 अक्टूबर को शावक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। 27 अक्टूबर को सर्जरी के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसके शरीर में बंदूक से चली गोली के पांच छर्रे मिले थे।

इसके बाद वन विभाग ने जांच के लिए एसटीएफ का गठन किया था। एसटीएफ की टीम के साथ ही कूनो वनमंडल, श्योपुर-मुरैना और ग्वालियर की वन व पुलिस टीमें श्वान दस्ते के साथ जांच में जुटी हैं, लेकिन शिकारियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। इधर केंद्रीय एजेसियों की जांच पड़ताल के बाद माना जा रहा है कि चीतों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में लापरवाही की गाज कुछ अधिकारियों पर गिर सकती है।

शिकारियों पर सख्ती के लिए वन विभाग के साथ स्थानीय पुलिस भी जुटेगी

अधिकारियों के संज्ञान में यह बात आई कि जंगल से सटे गांवों में बड़ी संख्या में अवैध बंदूकें हैं। यहां के कई लोग शिकार की घटनाओं में संलिप्त रहे हैं। इधर शिकार के मामले की जांच वन विभाग की विशेष जांच टीम के अलावा स्थानीय पुलिस भी कर रही है।

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सेसईपुरा के जंगल रिसार्ट में वन विभाग के अधिकारियों के साथ मुरैना के एसपी धर्मराज मीना और श्योपुर के एसपी मोतीउर रहमान ने बैठक कर रणनीति तय की। दअसल, शिकारी गोली में भरने के लिए बारूद और शीशे के छर्रे उपयोग करते हैं।

मोबाइल का उपयोग नहीं होने और जंगल में नेटवर्क की समस्या के कारण शिकारी बच निकलते हैं। ऐसे में अब आगे ऐसी घटनाएं न हो, इसलिए शिकारियों के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस को भी शामिल किया गया ताकि जंगल के बाहर जो कार्रवाईयां वन विभाग नहीं कर पाता है, उनके खिलाफ स्थानीय पुलिस की मदद ली जा सके।

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