छत्तीसगढ़

25 वर्षों बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र रविवार से, 14 से 17 दिसंबर तक

By Admin|09 Dec 2025, 7:06 PM
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रायपुर 
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार खास होने वाला है, क्योंकि यह पहली बार नवा रायपुर में बनी नई विधानसभा बिल्डिंग में हो रहा है। यह सेशन चार दिनों तक चलेगा, 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए सत्र की शुरुआत इसी दिन से करने का निर्णय लिया गया है।

पहले दिन नहीं होगा प्रश्नकाल, ‘विजन 2047’ पर होगी विस्तृत चर्चा

इस चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसके बजाय राज्य सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ पर विस्तृत चर्चा करेगी। इस चर्चा के दौरान राज्य के अगले 25 वर्षों की नीतियों का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। यह सरकार की कार्ययोजना और रणनीति पर केंद्रित होगा।

कुल 628 प्रश्न लगाए गए, 15 को अनुपूरक बजट

विधायकों ने इस सत्र के लिए कुल 628 प्रश्न लगाए हैं, जिनमें 333 तारांकित और 295 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। ये सवाल मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, धान खरीदी में दिक्कतें, खराब सड़कें, और राशन वितरण जैसे ज्वलंत मुद्दों से जुड़े हैं। सत्र के दूसरे दिन सोमवार 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी।

ये महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे

इसके अलावा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन और दुकान पंजीयन को श्रम विभाग के अधीन लाने जैसे महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में पेश किए जाएंगे। नौ दिसंबर से नए भवन में विधायकों के ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने हर सदस्य रोज अधिकतम दो ध्यानाकर्षण और एक स्थगन प्रस्ताव दे सकेगा। पूरे सत्र के लिए अधिकतम छह ध्यानाकर्षण और तीन स्थगन प्रस्तावों की सीमा तय की गई है।

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पहले दिन होगी 'छत्तीसगढ़ विज़न 2047' पर विशेष चर्चा

14 दिसंबर को सत्र का पहला दिन होगा, और इस दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। इसकी जगह राज्य सरकार के दीर्घकालिक विकास रोडमैप ‘छत्तीसगढ़ विज़न 2047’ पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक सामान्य कार्यवाही चलेगी, जिसमें प्रश्नकाल और अन्य विधायी कार्य शामिल रहेंगे।

15 दिसंबर को आएगा अनुपूरक बजट, नए में शिफ्टिंग पूरी

चार दिवसीय सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं होगा। वहीं, दूसरे दिन सोमवार, 15 दिसंबर को राज्य सरकार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने की तैयारी में है। इस दौरान निजी विवि संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम, 2002 में किए गए संशोधन और दुकानों का पंजीयन श्रम विभाग में करने संबंधित विधेयक भी लाया जाएगा।

वहीं, दूसरी ओर पुराने विधानसभा भवन से सभी विभागों के सामान की शिफ्टिंग पूरी हो चुकी है। दो दिसंबर से शिफ्टिंग शुरू हुई थी, जिसे शनिवार शाम तक पूरा कर लिया गया। बताया गया है कि एक-दो दिन में ही नए भवन में विधानसभा सचिवालय और स्टाफ का कामकाज शुरू हो जाएगा। अब सभी प्रकार के पत्राचार नए भवन से ही किए जाएंगे। विधायकों द्वारा प्रश्न लगाए जा चुके हैं, ध्यानाकर्षण अब नए भवन में ही जाकर देना होगा।

धर्मांतरण संशोधन विधेयक भी संभावित

बताया गया है कि इस नई विधानसभा के पहले सत्र को यादगार बनाने के लिए धर्मांतरण संशोधन विधेयक लाने की संभावना है। प्रदेश में धर्मांतरण की लगातार शिकायतें और कार्रवाई की जा रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार यह विधेयक लाने की तैयारी में है ताकि प्रदेश में अवैध तरीके से कराए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाई जा सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कुछ दिन पहले ही संशोधन विधेयक लाने के संकेत दे चुके हैं।

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9 दिसंबर से जमा कर सकेंगे नोटिस

सदस्य 9 दिसंबर से और बैठक वाले दिन सुबह 8 बजे तक- ध्यानाकर्षण सूचनाएं, स्थगन प्रस्ताव, नियम 267 क के तहत नोटिस, नए विधानसभा भवन में जमा कर सकेंगे।

नियम के अनुसार हर सदस्य को अनुमति होगी:

रोज 2 ध्यानाकर्षण नोटिस

रोज 1 स्थगन प्रस्ताव

पूरे सत्र (3 कार्यदिवस) में अधिकतम 6 ध्यानाकर्षण

अधिकतम 3 स्थगन प्रस्ताव देने की अनुमति होगी।
पुराने विधानसभा भवन से शिफ्टिंग जारी

नए भवन में आने वाले सत्र के लिए तेज़ी से तैयारियां की जा रही हैं। फ़ाइलें, फ़र्नीचर, रिकॉर्ड और दूसरा ज़रूरी सामान पुरानी विधानसभा बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में शिफ़्ट किया जा रहा है। लक्ष्य है कि 10 दिसंबर तक पूरा रिलोकेशन प्रोसेस पूरा हो जाए। सभी डिपार्टमेंट्स को निर्देश दिया गया है कि वे ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स को तय कमरों में सावधानी से जमा करें ताकि सेशन शुरू होने से पहले सब कुछ ऑर्गनाइज़ हो जाए।

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