मध्य प्रदेश

तेंदुए का आतंक: खेत में नजर आते ही दौड़ा, पुलिस जवान को बनाया निशाना

By Admin|19 Mar 2026, 5:31 PM
f X W

धार

Advertisement
Advertisement

ग्राम तोरनोद में शुक्रवार सुबह खेत में तेंदुआ दिखाई देने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। गेहूं की कटाई के दौरान अचानक तेंदुआ नजर आने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इ

समें तेंदुआ खेतों में दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, वहीं कुछ ग्रामीण वाहन से उसका पीछा करते नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम भी पहुंची और तेंदुए की तलाश शुरू की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे हार्वेस्टर चालक को सबसे पहले तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद आसपास के किसानों और ग्रामीणों को सूचना दी गई, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान नौगांव थाने के पुलिस जवान अनिल बीसी खेत में मौजूद थे।

अचानक सामने से तेंदुए ने छलांग लगाई और उनके हाथ पर पंजा मार दिया। इससे उनके हाथ पर नाखून के निशान आ गए। हालांकि जवान ने डंडा लहराया तो तेंदुआ वहां से भाग गया। इसके बाद जवान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया है और आगे भी डोज दिए जाएंगे।
जल्द पकड़ा जाए तेंदुए को

ग्रामीण प्रवीण चौहान, जितेंद्र, केशव आदि किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई के दौरान तेंदुआ खेत में छिपकर बैठा था। जब लोगों की भीड़ बढ़ी तो वह खेतों में इधर-उधर दौड़ने लगा।

READ ALSO  MP में शिक्षा का डिजिटल विस्तार, 9 सितंबर को लॉन्च होगा ‘ई-ज्ञानसेतु’ YouTube चैनल; छात्रों को मिलेंगे ई-वीडियो

तेंदुआ काफी बड़ा और वयस्क था तथा संभवतः कालूखेड़ी या तिरला क्षेत्र के जंगल से यहां पहुंचा होगा। इससे पहले भी कुछ साल पहले क्षेत्र में तेंदुए के आने से दहशत फैल चुकी है।  

ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।

  •     उनका कहना है कि जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाएगा।
  •     तब तक किसान खेतों में जाने से डरेंगे और गेहूं की कटाई प्रभावित होगी।
  •     किसान अकेले खेत पर जाने से बच रहे हैं, जिससे काम में देरी हो सकती है।

दो घंटे सर्चिंग के बाद भी नहीं मिला, बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के नजर आए वनकर्मी

वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक तेंदुए की तलाश करती रही। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया और भाग निकला। सर्चिंग के दौरान कुछ वनकर्मी बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के नजर आए। ऐसे में यदि तेंदुआ हमला करता तो सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ सकता था, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins