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लेंसकार्ट के तिलक-मंगलसूत्र पाबंदी पर बागेश्वर बाबा का गुस्सा: बेटा, गड़बड़ हो गए हो तुम, मौका है सुधर जाओ

By Admin|22 Apr 2026, 7:52 PM
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छतरपुर 

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प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी। कथा 21 से 23 अप्रैल तक चल रही है।पहले दिन न्होंने कंपनी के कथित 'ड्रेस कोड' पर यह बयान दिया। विवाद कंपनी द्वारा तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीकों पर पाबंदी के दावे से जुड़ा है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है, उसने बोला है अपनी कंपनी के वर्करों को कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता…।

धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- ठटरी के बरे! नक्कटा! तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है? आगि के लगे! तेरो कक्का को भारत है का? हां! हमारे तो बाप का भारत है। हां! जिनको तिलक से, चंदन से, वंदन से, राम से, श्याम से, हनुमान से, बाबा बागेश्वर से दिक्कत हो, वो पतली गली लाहौर खिसक लें।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- इसीलिए हम एक बात हिन्दुओं से कहे, कथा शुरू करने के पहले। आज उन्होंने तुम्हारे मंगलसूत्र पर उंगली उठाई, तिलक पर उंगली उठाई, कल तुम्हारी बिरादरी पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे सनातन पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे बच्चों पर उंगली उठाएंगे।

यदि हम एकजुट नहीं होंगे, तो वो कल हमारी गीता-रामायण पर भी उंगलियां उठाएंगे। इसलिए हम सबको संगम से एक बात सीखनी है। जैसे संगम में तीन नदियां मिलकर महासंगम बनता है, ऐसे ही हम सब जातियों को छोड़कर हिन्दू होकर एकता का परिचय दें।"

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तिलक-कलावा पर रोक, हिजाब-पगड़ी को अनुमति
मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इसी कथित भेदभाव को लेकर विवाद बढ़ा।

एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर स्क्रीनशॉट साझा कर कंपनी से सवाल किया कि जब हिजाब की अनुमति है, तो बिंदी और कलावा पर रोक क्यों। इसके बाद यह मुद्दा वायरल हुआ और कंपनी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। लेंसकार्ट शोरूम में कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा।

कंपनी की सफाई- सभी धर्मों का सम्मान करते हैं
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है। कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं।

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