उत्तर प्रदेशराज्‍य

सीएम योगी बोले- कमल निशान पर इतना वोट दीजिए कि टीएमसी, कांग्रेस और अन्य सभी दलों के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाए

By Admin|22 Apr 2026, 6:16 PM
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सीएम योगी की दूसरी जनसभा
उत्तर प्रदेश की तरह ‘डबल इंजन सरकार’ बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा: सीएम योगी

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नदिया
पश्चिम बंगाल के चकदहा में बुधवार को आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने नदिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा की भूमि बताया और कहा कि बंगाल अब बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने ममता सरकार पर कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक अस्मिता के मुद्दों पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रत्याशी बंकिम चंद्र घोष के पक्ष में वोट मांगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा।

इस बार ममता दीदी का खेला खत्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में 7000 से ज्यादा बड़े उद्योग बंद हुए और यूपी में 9 वर्ष में 17000 से अधिक बड़े उद्योग आए हैं। वहां लाखों नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्य कर रही हैं। अन्नदाता किसान खुशहाल है, चारों ओर विकास की बहार है। 500 वर्षों में जो कार्य नहीं हुआ, मोदी जी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के रूप में वह भी पूरा हो गया। यूपी के अंदर यह हो सकता है,  क्योंकि वहां डबल इंजन की बीजेपी सरकार है। अब तो बंगाल में भी बहार है, क्योंकि इस बार यहां भी बनने जा रही डबल इंजन सरकार है। कमल निशान पर बंकिम चंद्र घोष को इतना वोट दीजिए कि टीएमसी, कांग्रेस और अन्य सभी दलों के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाए। नदिया फिर से वैष्णव परंपरा की धरा के रूप में स्थापित होकर, सनातन के झंडे को पूरे बंगाल में ऊंचा करता हुआ दिखाई दे। ममता दीदी कहती हैं कि खेला होबे, लेकिन मैं कहने आया हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)।

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नए बंगाल के निर्माण का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदिया भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। जैसे उत्तर भारत में काशी का महत्व है, वैसे ही पूर्वी भारत में नवलद्वीप और नदिया जिले की भी अपनी एक पहचान है। यह वही भूमि है, जिसने चैतन्य महाप्रभु के अंतःकरण में भारत की आध्यात्मिक वैष्णव परंपरा की अलख जगाकर पूरे भारत में भक्ति की एक नई धारा को प्रवाहित किया था। यह बंगाल की धरा एक बार फिर चैतन्य महाप्रभु की सनातन वैष्णव धारा को पुनर्जीवित करने का आह्वान कर रही है। नदिया से उठी यह आवाज चैतन्य महाप्रभु की भावनाओं के अनुरूप 'नए बंगाल' के निर्माण के लिए आप सबका आह्वान कर रही है।

नदिया के दिल में महाकाली और नैनों में चैतन्य महाप्रभु का वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएमसी की वर्तमान सरकार यहां की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनका एक मेयर कहता है कि बंगाल के अंदर आधी आबादी से उर्दू बुलवाएंगे। मैं उनसे कहने के लिए आया हूं कि बंगाल की धरती पर बांग्ला बोली जाएगी। बांग्ला संस्कृति के माध्यम से भारत को एक नई ऊंचाई दी जाएगी। उनकी एक सांसद कहती हैं कि 'दिल में काबा और नयन में मदीना', लेकिन मैं उनसे कहना चाहता हूं कि नदिया इसे स्वीकार नहीं करेगा। नदिया के दिल में महाकाली हैं और हमारे नैनों में चैतन्य महाप्रभु का वास है, ताकि वैष्णव परंपरा को घर-घर तक पहुंचाया जा सके।

टेरर का प्रतीक बन गई टीएमसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रवींद्रनाथ टैगोर, अरविंदो घोष, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पावन धरा में टीएमसी के गुंडे चीरहरण कर रहे हैं, लूट रहे हैं। टीएमसी टेरर, माफिया राज व करप्शन का पर्याय बन गई है। जो बंगाल कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन हुआ करता था, भारत के विकास में मजबूती के साथ आगे बढ़ता था, जिस बंगाल में उद्योगों की लंबी श्रृंखला थी, नौजवानों के पास रोजगार था, अन्नदाता किसान की मेहनत से धरती सोना उगलती थी, आज उसी बंगाल में उद्योग-धंधे बंद हो रहे हैं। नौजवान बेरोजगार हैं। धान व मछली का उत्पादन घट रहा है। आलू उत्पादक किसान अपमानित महसूस कर रहा है। बंगाल में आज उपद्रव जैसा माहौल है।

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राम के नाम से चिढ़ती हैं ममता दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदिया वैष्णव परंपरा की धरा है और ममता दीदी तो राम नाम से चिढ़ती हैं। दुर्गा पूजा नहीं होने देतीं,  विसर्जन जुलूसों पर लाठीचार्ज होता है, हमले होते हैं, उत्सव के पहले प्रतिबंध शुरू हो जाते हैं, कर्फ्यू लग जाता है। यह लूटपाट का, माफिया का राज है। बंगाल ने रवींद्रनाथ टैगोर के माध्यम से स्वतंत्र भारत को राष्ट्रगान दिया। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के माध्यम से राष्ट्रगीत दिया। लेकिन, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पुश्तैनी परिसर पर टीएमसी के गुंडों ने कब्जा कर लिया। वहां भारत माता व गुरुदेव के चित्रों को उतारकर जबरदस्ती ममता व अभिषेक बनर्जी का फोटो लगा दिया। बंगाल इस प्रकार की अराजकता को स्वीकार नहीं कर सकता। इस गुंडागर्दी, अराजकता में बहन-बेटी, व्यापारी कोई सुरक्षित नहीं है। अन्नदाता किसान उपेक्षित और नौजवान हताश-निराश है।

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