छत्तीसगढ़

जंगल की खामोशी में गूंजी चीख: महुआ बीनने गए ग्रामीण की हाथी हमले में दर्दनाक मौत

By Admin|21 Apr 2026, 10:34 AM
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जंगल की खामोशी में गूंजी चीख: महुआ बीनने गए ग्रामीण की हाथी हमले में दर्दनाक मौत

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जीवनयापन की साधारण दिनचर्या निभाने जंगल गए एक ग्रामीण की जंगली हाथी के हमले में असमय मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के खोहरा गांव में घटित हुआ, जहां अब हर ओर सन्नाटा और भय पसरा हुआ है।
मृतक की पहचान 55 वर्षीय प्रेमलाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे वे खड़घाट जंगल में महुआ बीनने गए थे, शायद रोज की तरह कुछ उम्मीदों के साथ। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। जंगल में अचानक सामने आए एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। असहाय प्रेमलाल उस भीषण हमले का सामना नहीं कर सके और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

इस घटना ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
इधर, इस हादसे के बाद ग्रामीणों में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही को लेकर डर और चिंता दोनों बढ़ गए हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में सतत निगरानी, अलर्ट सिस्टम और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग यूं न बुझ जाए।

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