उत्तर प्रदेशराज्‍य

चयनित फेलो को ₹50,000 प्रतिमाह पारिश्रमिक के साथ लैपटॉप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा/भत्ता प्रदान किया जाएगा

By Admin|05 May 2026, 1:02 PM
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लखनऊ

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके तहत हर जिले में ओटीडी सीएम फेलो (वन ट्रिलियन डॉलर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम) लागू किया जाएगा, जिससे जिला स्तर पर विकास योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाया जा सके।

हर जिले में दो फेलो की तैनाती

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संचालित ओटीडी सेल को मजबूत करने के लिए दो विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे, एक आर्थिक विकास फेलो और एक डेटा विश्लेषक फेलो। ये दोनों मिलकर जिले की आर्थिक गतिविधियों की निगरानी और रणनीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। ये फेलो विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कृषि, उद्योग, निवेश, अवसंरचना, पर्यटन, रोजगार और जिला घरेलू उत्पाद (डीडीपी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की नियमित समीक्षा करेंगे। नियोजन विभाग के डैशबोर्ड के माध्यम से ऑनलाइन रिपोर्टिंग और केपीआई आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तथ्यपरक और परिणामोन्मुख बनेगी।

योग्यता और चयन प्रक्रिया तय

ओटीडी सीएम फेलो बनने के लिए संबंधित विषय में परास्नातक डिग्री अनिवार्य होगी और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (50 अंक), अधिमानी योग्यता (30 अंक) और साक्षात्कार (20 अंक) शामिल होंगे। चयन स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन उत्तर प्रदेश द्वारा किया जाएगा। चयनित फेलो को ₹50,000 प्रतिमाह पारिश्रमिक के साथ लैपटॉप, यात्रा भत्ता और आवासीय सुविधा/भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष का होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा। ओटोडी सीएम फेलो स्थानीय संसाधनों, निवेश संभावनाओं और विकास अवसरों का विश्लेषण कर साक्ष्य-आधारित रणनीतियां तैयार करेंगे। इससे विभागीय योजनाओं का बेहतर प्राथमिकता निर्धारण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। इस फैसले से जिलों में विकास कार्यों की निगरानी और योजना निर्माण अधिक पेशेवर और डेटा-आधारित होगा। इससे प्रदेश के ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ लक्ष्य को हासिल करने में ठोस आधार मिलेगा और स्थानीय स्तर पर विकास की गति तेज होगी।

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डिजिटल सिस्टम से साक्ष्य होंगे सुरक्षित, छोटे अपराधों में जेल के बजाय सेवा
योगी कैबिनेट ने नई न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन महत्वपूर्ण नियम लागू किए हैं, पहला ई-साक्ष्य प्रबंधन नियम, दूसरा ई-समन (इलेक्ट्रॉनिक आदेशिका) नियम और तीसरा सामुदायिक सेवा गाइडलाइंस 2026 है। ये नियम न्याय प्रक्रिया को आधुनिक, तेज और ज्यादा प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। ई-साक्ष्य के तहत अब डिजिटल सबूत सुरक्षित और मजबूत होंगे। नए ई-साक्ष्य प्रबंधन नियमों के तहत डिजिटल सबूत (जैसे मोबाइल डेटा, वीडियो, ईमेल आदि) को एक वैज्ञानिक तरीके से इकट्ठा, सुरक्षित और अदालत में पेश किया जाएगा। इससे सबूत के साथ छेड़छाड़ की संभावना कम होगी। केस मजबूत होंगे और फैसले ज्यादा सटीक होंगे। वहीं, ई-समन नियम के तहत अब कोर्ट के समन और वारंट डिजिटल माध्यम से भेजे जा सकेंगे,जैसे ईमेल, मोबाइल मैसेज या अन्य ऐप्स के जरिए। इससे नोटिस जल्दी पहुंचेगा। साथ ही, प्रक्रिया पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य बनेगी तो वहीं महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पहचान गोपनीय रहेगी। सामुदायिक सेवा की नई गाइडलाइंस के अनुसार छोटे अपराधों में अब जेल भेजने के बजाय ‘सामुदायिक सेवा’ कराई जा सकेगी। इससे अपराधियों को सुधार का मौका मिलेगा। जेलों पर बोझ कम होगा और समाज के लिए उपयोगी कार्य (जैसे सफाई, वृक्षारोपण, गो-सेवा, ट्रैफिक मैनेजमेंट) होंगे। 

150 सरकारी स्कूलों में बनेंगी ड्रीम स्किल लैब्स, छात्रों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण

कैबिनेट ने मिलका नेटवर्क प्रोडक्ट्स लि. के सहयोग से प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों में ड्रीम (डिजाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) स्किल लैब्स स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य छात्रों को नई तकनीकों से जोड़कर उन्हें भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुसार तैयार करना है। इन लैब्स के जरिए छात्रों को रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक डिजाइन जैसी स्किल्स सीखने का मौका मिलेगा। इससे न केवल उनकी तकनीकी समझ और व्यक्तित्व विकास होगा, बल्कि उन्हें पढ़ाई के बाद बेहतर नौकरी और प्लेसमेंट के अवसर भी मिलेंगे। इस परियोजना में 68% निवेश टाटा नेल्को नेटवर्क प्रोडक्ट्स लि. द्वारा और 32% राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

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नोएडा-यमुना क्षेत्र को बड़ा पावर बूस्ट, 653 करोड़ से बनेगा नया हाईटेक बिजली उपकेंद्र

कैबिनेट बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र (गौतमबुद्ध नगर) में नया आधुनिक बिजली उपकेंद्र बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सेक्टर-28, यीडा में 400/220 केवी का जीआईएस (गैस इंसुलेटेड) उपकेंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसकी कुल क्षमता 3×500 एमवीए होगी। करीब ₹653.53 करोड़ की लागत से बनने वाला यह उपकेंद्र क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे उद्योगों को मजबूत बिजली आपूर्ति देगा। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी और अन्य औद्योगिक इकाइयों को बिना रुकावट बिजली मिल सकेगी। यह परियोजना न सिर्फ वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाले समय में बढ़ने वाली बिजली की मांग को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इससे पूरे क्षेत्र में ग्रिड की स्थिरता मजबूत होगी और बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनेगी।

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