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किसानों को खरीफ की तैयारी के लिए कृषि विभाग युद्ध-स्तर पर कर रहा कार्य: कृषि मंत्री कंषाना

By Admin|20 Apr 2026, 10:06 AM
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भोपाल.
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि प्रदेश के अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाना और खेती को लाभ का धंधा बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने खरीफ सीजन-2026 के मद्देनजर किसानों के लिए समसामयिक सलाह जारी करते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीफ की तैयारी के लिए कृषि विभाग युद्ध-स्तर पर तैयारी कर रहा है।

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किसानों के लिए समसामयिक सलाह
मिट्टी परीक्षण कराएं : बोवनी से पहले खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराएं। सभी विकासखंडों में निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाए जाते हैं।
बीज उपचार जरूरी : सोयाबीन, मूंग, उड़द व मक्का की बोवनी से पहले फफूंदनाशक व राइजोबियम कल्चर से बीज उपचार करें। इससे 15-20 प्रतिशत उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी होगी।
मौसम आधारित बोवनी : 4 इंच बारिश के बाद ही बोवनी करें। ‘एमपी किसान ऐप’ पर 7 दिन का मौसम पूर्वानुमान देखकर निर्णय लें।
अन्न को अपनाएं : कम पानी में तैयार होने वाली कोदो, कुटकी, रागी जैसी मिलेट फसलों का रकबा बढ़ाएं। सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद करेगी।
प्राकृतिक खेती : रासायनिक उर्वरकों की जगह जीवामृत, घन-जीवामृत व वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें। लागत घटेगी, मिट्टी की सेहत सुधरेगी।

कृषि विभाग द्वारा किए जा रहे प्रमुख प्रयास
मंत्री कंषाना ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृषि विभाग किसानों के कल्याण के लिए युद्ध-स्तर पर कार्य कर रहा है। खरीफ-2026 के लिए 28 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज, 45 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण पूरा कर लिया गया है। कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जा रही है औरकंट्रोल रूम सक्रिय हैं। ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’ के तहत 75 हजार हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। 25 हजार नए खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं। ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ से 1.5 लाख किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल पर अनुदान दिया जा रहा है। कस्टम हायरिंग सेंटर की संख्या 2500 की गई है। ‘मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना’ में लगभग 90 लाख किसानों को सालाना 6000 रुपये की सहायता दी जा रही है। ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ में नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। एफपीओ के माध्यम से किसानों को प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग और निर्यात से जोड़ा जा रहा है। ‘ओडीओपी’ के तहत हर जिले का विशेष उत्पाद ब्रांड किया जा रहा है।

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मंत्री कंषाना ने कहा कि हमारा संकल्प है कि मध्यप्रदेश का किसान देश में सबसे समृद्ध हो। विभाग का हर अधिकारी-कर्मचारी खेत तक पहुंचकर किसानों की समस्या का समाधान करेगा। किसान किसी भी समस्या के लिए कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर, ‘एमपी किसान ऐप’ या नजदीकी कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

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