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झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा प्रक्रिया स्थगित, कैबिनेट में नहीं बनी सहमति

By Admin|17 Apr 2026, 7:51 PM
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रांची

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झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा का विज्ञापन रद्द होगा। भाषाई विवाद (भोजपुरी, अंगिका व मगही) नहीं सुलझने की वजह से विज्ञापन रद्द किया जाएगा। 21 अप्रैल से 21 मई तक आवेदन की प्रक्रिया के लिए झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने पिछले महीने ही विज्ञापन निकाला था। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति की प्रत्याशा में विज्ञापन निकाला गया था, लेकिन गुरुवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में इस पर सहमति नहीं बन सकी।

क्यों रद्द हुआ विज्ञापन
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2026 को स्थगित रखा गया है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अनुमोदन के बाद कैबिनेट की प्रत्याशा में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2026 की मंजूरी करते हुए अधिसूचना 26 मार्च को ही जारी कर दी थी। इसके साथ संकल्प और आवेदन करने की तिथि भी जारी कर दी गई थी। 21 अप्रैल से 21 मई तक आवेदन लिये जाने थे। नियमावली में क्षेत्रीय भाषाओं में 10 से ज्यादा जिलों में बोली जाने वाली भोजपुरी, अंगिका और मगही को जगह नहीं दी गई थी, जबकि सिर्फ दो जिलों के कुछ क्षेत्रों में बोली जाने वाली उड़िया को क्षेत्रीय भाषाओं में जगह मिली थी। इसका राजनीतिक दलों के साथ-साथ अन्य संगठनों ने विरोध किया। कैबिनेट की बैठक में भी मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दीपक बिरुआ और दीपिका पांडेय सिंह ने इसका खुल कर विरोध किया। मंथन के बावजूद अंतिम सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया।

संशोधन होने पर भी वापस लेगा होगा विज्ञापन
राज्य सरकार अगर झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2026 को प्रस्ताव के अनुसार 20 अप्रैल तक लागू कर देती है तो क्षेत्रीय भाषा में भोजपुरी, मगही और अंगिका के बिना आवेदन लिये जाने लगेंगे। अगर इसमें संशोधन होता है और इन तीनों क्षेत्रीय भाषा को जोड़ा जाता है तो विज्ञापन वापस लेना होगा।

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2016 के बाद नहीं हुई है टीईटी
झारखंड में अब तक 2012 और 2026 में ही शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई है। पिछले 10 साल से टीईटी का आयोजन नहीं हुआ है। पूर्व में ही नियम बनाया गया था कि हर साल टीईटी का आयोजन होगा, लेकिन अब तक नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा 2016 के बाद बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को उठाना पड़ रहा है। इससे वे न तो शिक्षक पात्रता परीक्षा दे पा रहे हैं और न ही स्थानीय शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में भाग ले पा रहे हैं।

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