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लाड़ली बहनों को 1500 रुपये का तोहफा, आज सीएम मोहन करेंगे 35वीं किस्त ट्रांसफर

By Admin|12 Apr 2026, 9:06 AM
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आष्टा

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मध्यप्रदेश की बहनों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 12 अप्रैल को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी करेंगे। इस बार प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खाते में सीधे 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। इसमें 115 करोड़ रुपए के लोकार्पण के काम शामिल हैं। इसमें सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण (आष्टा), पार्वती नदी पर घाट निर्माण, जावर में नेवज नदी का पुनरुद्धार, मेहतवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिद्दीगंज में उपतहसील भवन, आष्टा में राजस्व कार्यालय और आष्टा-शुजालपुर रोड पर पुल का लोकार्पण किया जाएगा। 

वहीं, मुख्यमंत्री 69 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमिपूजन भी करेंगे। इसमें स्कूल भवन निर्माण, पुलिस आवास निर्माण, इछावर में छात्रावास निर्माण, सड़कें और सामुदायिक भवन, अमृत 2.0 योजना के तहत पेयजल परियोजना शामिल हैं। आष्टा शहर में भी विकास कार्य किए जाएंगे, जिनमें आरसीसी नाला निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण, सब्जी मंडी का विकास और पांडू शिला क्षेत्र का सुंदरीकरण शामिल है। 

बता दें कि लाड़ली बहना योजना में पहले महिलाओं को 1250 रुपए की राशि दी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर अब 1500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। इस योजना से प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाएं लाभ ले रही हैं। यह योजना महिलाओं के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। हर महीने मिलने वाली राशि से महिलाएं घर खर्च के साथ-साथ छोटी बचत और रोजगार के अवसर भी तलाश पा रही हैं। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास से भी जोड़ा जाएगा। 

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आष्टा में सुंदरीकरण भी
आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण होगा। सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम भी शुरू होगा। वार्ड 14 में सब्जी मंडी विकास और वार्ड 3 में पांडू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य भी शुरू होगा।

1.25 करोड़ महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपए
इस किस्त में प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की बढ़ोतरी के बाद यह राशि 1250 से बढ़कर 1500 रुपए हो गई थी। प्रदेश में 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में बताया कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक महिलाओं के खातों में 52 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ट्रांसफर हो चुकी है। केवल 34वीं किस्त में करीब 1836 करोड़ रुपए दिए गए थे।

60 साल से ऊपर की महिलाओं को हटाया जाएगा
इस बार एक अहम बदलाव भी होगा। अप्रैल में होने वाले नए सत्यापन के बाद जिन महिलाओं की उम्र 60 साल से अधिक हो चुकी होगी, उन्हें लाड़ली बहना योजना की सूची से हटाया जा सकता है। ऐसी महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन योजना (सरकारी योजना) में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव पात्रता नियमों के अनुरूप है।

आधार लिंक और ई-केवाईसी जरूरी
35वीं किस्त का लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं। बैंक खाते का आधार से लिंक होना अनिवार्य है। साथ ही डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सक्रिय होनी चाहिए और ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। जिन महिलाओं ने ये काम अभी तक नहीं किए हैं, वे जल्द से जल्द अपनी नजदीकी बैंक शाखा या सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर इसे पूरा करें।

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ऐसे चेक करें भुगतान की स्थिति
किस्त आई या नहीं, यह जानना अब बेहद आसान है। लाभार्थी महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं। वहां "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" का विकल्प चुनें। अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालें। ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन के बाद भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
महिलाएं मजबूर नहीं, मजबूत बनी हैं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस योजना से प्रदेश की बहनें अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खोज रही हैं। सरकार आने वाले समय में इन महिलाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी।

यह खबर क्यों जरूरी है
लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं की आर्थिक जीवन रेखा बन चुकी है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं के उत्थान के लिए विशेष प्रावधान करने का अधिकार देता है।

यह योजना उसी भावना का व्यावहारिक रूप है। हर महीने 1500 रुपए मिलने से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलती है। 60 साल के बाद वृद्धावस्था पेंशन में स्थानांतरण की जानकारी भी जरूरी है ताकि कोई महिला लाभ से वंचित न रहे।

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