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नोएडा-गाजियाबाद के श्रमिकों को योगी सरकार का तोहफा, सैलरी में ₹3000 तक की बढ़ोतरी

By Admin|15 Apr 2026, 2:03 PM
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योगी सरकार का बड़ा फैसला: नोएडा-गाजियाबाद में श्रमिकों की सैलरी में ₹3000 तक की बढ़ोतरी

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हाई पावर कमेटी की सिफारिश पर अंतरिम वेतन वृद्धि लागू, 1 अप्रैल से नई दरें प्रभावी

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में श्रमिकों के वेतन में 21% तक वृद्धि

अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों में नई दरें घोषित

हिंसा फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

गौतमबुद्ध नगर
 नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि का ऐलान किया है। हालिया घटनाक्रमों के बाद की गई विस्तृत समीक्षा के आधार पर सरकार ने संतुलित निर्णय लेते हुए अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणियों में करीब ₹3000 तक वेतन बढ़ाया है, जिससे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में 21% तक वृद्धि हुई है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। सरकार ने ₹20,000 न्यूनतम वेतन की खबरों को भ्रामक बताया है, वहीं श्रमिकों की मांगों और उद्योगों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगे वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार औद्योगिक शांति, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा निवेश अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनपद गौतम बुद्ध नगर में पूर्व की भांति सौहार्द, शांति एवं विकास की गति निरंतर बनी रहे।
        
एक अप्रैल से लागू होगी नई दरें
औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश दीपक कुमार ने हाल ही में हुए घटनाक्रमों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए न्यूनतम वेतन में तात्कालिक रूप से अंतरिम वृद्धि का निर्णय लिया है, जिसमें सबसे अधिक बढ़ोतरी कुशल श्रेणी के श्रमिकों के लिए की गई है, वहीं गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में यह वृद्धि सबसे अधिक 21 प्रतिशत तक की गई है और यह नई अंतरिम वेतन दरें 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में श्रमिकों को सीधी आर्थिक राहत प्रदान की गई है। साथ ही, आगामी माह में गठित होने वाले वेज बोर्ड की अनुशंसाओं के आधार पर स्थायी न्यूनतम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। सरकार श्रमिकों के कल्याण हेतु स्वास्थ्य, पेंशन एवं उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी नई योजनाओं पर भी विचार कर रही है।

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अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रेणी में हुई वेतन वृद्धि
अंतरिम वेतन वृद्धि के अनुसार अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹13690 कर दिया गया है, अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹15059 किया गया है, जबकि कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹16868 कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य नगर निगम वाले जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹13006, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹14306 तथा कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹16025 कर दिया गया है। इसी प्रकार अन्य जनपदों के लिए अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11313 से बढ़ाकर ₹12356, अर्ध कुशल श्रमिकों का वेतन ₹12445 से बढ़ाकर ₹13591 तथा कुशल श्रमिकों का वेतन ₹13940 से बढ़ाकर ₹15224 कर दिया गया है। 

₹20,000 मासिक न्यूनतम वेतन संबंधी खबरें भ्रामक एवं निराधार
उन्होंने बताया कि सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हुई हिंसात्मक घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। समिति द्वारा नोएडा पहुंचकर पूरे प्रकरण की गहन जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ₹20,000 मासिक न्यूनतम वेतन लागू होने संबंधी खबरें पूरी तरह भ्रामक एवं निराधार हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि भारत सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर ‘फ्लोर वेज’ निर्धारित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है, जिसका उद्देश्य देशभर के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा सुनिश्चित करना है।

हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका
राज्य सरकार द्वारा नियोक्ता संगठनों, श्रमिक संगठनों एवं अन्य सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है, ताकि एक संतुलित, व्यावहारिक एवं सर्वमान्य निर्णय लिया जा सके। समिति द्वारा विभिन्न चरणों में श्रमिकों एवं नियोक्ताओं के साथ बैठकें आयोजित की गईं। श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण था, जिसमें वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी मांगें शामिल थीं। उन्होंने हिंसा में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई। वहीं, नियोक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योग जगत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और निर्यात में कमी ने उद्योगों पर दबाव बढ़ाया है। इसके बावजूद श्रमिकों की मांगों को उन्होंने प्रासंगिक एवं विचारणीय बताया।

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श्रमिकों के वेलफेयर के लिए कन्ट्रोल रूम स्थापित
समिति द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि जनपद स्तर पर श्रमिकों के वेलफेयर एवं शान्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु एक कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके नम्बर 120-2978231,  120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 हैं, इस कन्ट्रोल रूम के माध्यम से श्रमिक अपनी किसी भी प्रकार की समस्या, शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं।
      
असामाजिक एवं बाहरी तत्वों की पहचान के लिए अभियान
जनपद में औद्योगिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक एवं बाहरी तत्वों के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे तत्व न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि श्रमिकों और उद्योगों के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी कमजोर करते हैं। प्रशासन द्वारा इन तत्वों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें तकनीकी निगरानी, खुफिया तंत्र एवं स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन को मजबूत किया गया है। पहचान किए गए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिसमें गिरफ्तारी, आपराधिक मुकदमे दर्ज करना तथा आवश्यकतानुसार अन्य विधिक प्रावधानों के अंतर्गत दंडात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहती है कि शांति एवं विकास के वातावरण को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

इस अवसर पर समिति के सदस्य प्रमुख सचिव (श्रम) उत्तर प्रदेश डाॅ एम के एस सुंदरम, अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, एमएसएमई, निर्यात प्रोत्साहन, खादी और ग्रामोद्योग विभाग आलोक कुमार एवं सदस्य सचिव श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश (कानपुर) मार्कण्डेय शाही, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना विकास प्राधिकरण राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम उपस्थित रहे।

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