मध्य प्रदेशराज्‍य

TET परीक्षा को लेकर नए आदेश जारी, विभाग मंथन करेगा कि किन शिक्षकों के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी

By Admin|14 Apr 2026, 2:01 PM
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भोपाल 
मध्यप्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर असर डालने वाली TET परीक्षा को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग नया आदेश जारी करेगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए आदेश में टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता और छूट की स्थिति स्पष्ट की जाए।

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आयुक्त ने कहा कि नए आदेश में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी और किन्हें नियमानुसार छूट या सरलीकरण मिलेगा।

शासकीय अधिवक्ता से अभिमत की प्रक्रिया जारी
विभाग ने बताया कि मामले में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। अभिमत मिलने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।

सोमवार को लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ और अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इसमें कई प्रशासनिक निर्णय लिए गए।

वेतनवृद्धि और समयमान के मामलों में शीघ्र आदेश
बैठक में तय हुआ कि जिन शिक्षकों को वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान का लाभ मिलना है, उनके प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई कर आदेश जारी किए जाएंगे।

यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश यथावत रहते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण व सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

डीपीआई स्तर पर परामर्श बैठक आयोजित होगी
लंबित समस्याओं के समाधान के लिए डीपीआई स्तर पर परामर्शदात्री बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, शिक्षक कांग्रेस और राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और महामंत्री उपस्थित रहे।

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बैठक से एक वर्ग असंतुष्ट
इधर, लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह की बैठक से शिक्षक संगठनों का एक वर्ग असंतुष्ट नजर आया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के सदस्य उपेंद्र कौशल ने बताया कि बैठक के लिए घटक संगठनों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन मोर्चा ने इसमें शामिल होने से इंकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि बैठक अचानक बुलाई गई थी, जिससे सभी संगठनों के अध्यक्षों का उपस्थित होना संभव नहीं था। मोर्चा ने शासन को अवगत कराया है कि शिक्षक आंदोलन से जुड़े किसी भी मुद्दे पर चर्चा केवल अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ ही की जाए, अन्य संगठनों के साथ हुई वार्ता के निर्णय उन्हें मान्य नहीं होंगे।

मध्यप्रदेश आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने भी बैठक पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बैठक में पात्रता परीक्षा कराने पर सहमति बनी और इसके लिए जल्द कार्यक्रम जारी किए जाने की बात सामने आई है। उनके अनुसार जिन संगठनों के साथ बैठक हुई, वे पात्रता परीक्षा से प्रभावित नहीं हैं, जबकि प्रभावित संगठन इसमें शामिल नहीं थे।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को निर्देश दिया था कि अब टीच‍िंग सर्विस से जुड़े सभी शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्‍ट यानी TET पास करना जरूरी होगा। 

क्‍या है TET एग्‍जाम
टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जो यह तय करती है कि कोई अभ्यर्थी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8 तक) में टीचर बनने के योग्य है या नहीं। यह परीक्षा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा 2010 में अनिवार्य की गई थी।

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