उत्तर प्रदेशराज्‍य

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में सेना के युद्ध स्मारक पर लेज़र, लाइट और साउंड शो का किया उद्घाटन

By Admin|12 Apr 2026, 8:27 PM
f X W

लखनऊ.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ छावनी स्थित सेना के मध्य कमान के स्मृतिका युद्ध स्मारक में एक अत्याधुनिक लेज़र, लाइट और साउंड शो का उद्घाटन किया। लगभग 30 मिनट का यह हिंदी मल्टीमीडिया शो, उन्नत प्रोजेक्शन, साउंड और लाइटिंग तकनीकों के माध्यम से भारतीय सेना के इतिहास, उसकी ऑपरेशनल उपलब्धियों और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को बयां करता है। यह शो भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और विरासत को समर्पित एक श्रद्धांजलि है। इसकी कहानी में भारत के प्रमुख युद्धों और ऑपरेशन्स, सेंट्रल कमांड की ऐतिहासिक भूमिका, अवध क्षेत्र की वीरता और 'आत्मनिर्भर भारत' की परिकल्पना के अनुरूप समकालीन सैन्य आधुनिकीकरण को शामिल किया गया है। यह शो प्रतिदिन शाम के समय स्मृतिका युद्ध स्मारक में आयोजित किया जाएगा और जल्द ही इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया जाएगा।

इस मल्टीमीडिया प्रस्तुति में भारत के प्रमुख युद्धों का एक समग्र अवलोकन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विशेष रूप से 1947-48, 1962, 1965 और 1971 के संघर्षों के प्रमुख ऑपरेशनल पहलुओं के साथ-साथ 'ऑपरेशन मेघदूत' और 'ऑपरेशन विजय' के दौरान दिए गए विशिष्ट योगदानों को रेखांकित किया गया है। भारतीय सशस्त्र बलों के विभिन्न ऑपरेशन्स में मध्य कमान द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को इसमें प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें अवध क्षेत्र के 'परमवीर चक्र' विजेताओं की असाधारण वीरता को भी उजागर किया गया है, जिसे अवध की गहरी सैन्य परंपराओं और राष्ट्र की रक्षा में उसके विशिष्ट योगदान के संक्षिप्त विवरण के साथ खूबसूरती से पिरोया गया है।

READ ALSO  पटना में रावण वध कार्यक्रम के लिए ट्रैफिक डायवर्जन लागू, घर से निकलने से पहले देख लें वैकल्पिक रास्ते

इस शो की विषय-वस्तु में उभरते खतरों और युद्ध की बदलती गतिशीलता के जवाब में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे निरंतर आधुनिकीकरण और रूपांतरण को भी शामिल किया गया है। इसमें भारतीय रक्षा उद्योग की हालिया प्रगति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसका पहला उपयोग 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान प्रदर्शित किया गया था। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के एक ऐसे केंद्र के रूप में उभरने को भी दर्शाया गया है जो 'आत्मनिर्भरता' की पहलों का मुख्य केंद्र बन रहा है; राज्य का आगामी 'रक्षा गलियारा' (Defence Corridor) इसी का एक जीवंत उदाहरण है।

आगामी लेज़र, लाइट और साउंड शो के आयोजन और प्रदर्शन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, स्मृतिका युद्ध स्मारक परिसर में भी व्यापक स्तर पर उन्नयन (अपग्रेडेशन) का कार्य किया जा रहा है। शो के लिए अत्याधुनिक प्रोजेक्टर और स्पीकर लगाने के अलावा, नई पीढ़ी के सैन्य उपकरणों और युद्ध में जीती गई चीज़ों (वॉर ट्रॉफ़ी) को दिखाने वाले भित्ति चित्र (म्यूरल) भी लगाए गए हैं, और साथ ही एक आधुनिक एम्फीथिएटर भी बनाया गया है। इसके अलावा, तीन खास म्यूरल दीवारें भी बनाई जा रही हैं, जो एक तरफ तो सैन्य इतिहास को प्रमुखता से दिखाएंगी, और दूसरी तरफ लेज़र, लाइट और साउंड शो के लिए एक जीवंत मंच का काम करेंगी।

इस पहल को सेना के मध्य कमान के मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के साथ मिलकर पूरा किया है। लखनऊ कैंटोनमेंट में स्थित 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' (Smritika War Memorial), 1994 से ही भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों की बहादुरी, बलिदान और अदम्य साहस को समर्पित एक अमर श्रद्धांजलि के रूप में खड़ा है। मुख्यालय मध्य कमान के संरक्षण में स्थापित यह स्मारक, राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने, हमारी सैन्य विरासत को सहेजने और आम लोगों खासकर युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में एक अहम भूमिका निभाता है। मुख्यालय मध्य कमान द्वारा इस स्थल पर आयोजित किए जाने वाले औपचारिक कार्यक्रम, उन वीर सैनिकों के शौर्यपूर्ण कार्यों को याद करते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस अवसर पर जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (GOC-in-C) मध्य कमान लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, मुख्यालय मध्य कमान के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय सेना और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

READ ALSO  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरी विकास परियोजनाओं पर की आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा

स्मृतिका युद्ध स्मारक में रोज़ाना होने वाला लेज़र, लाइट और साउंड शो, इस स्मारक के गौरव को बढ़ाने के साथ-साथ, राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करने और सैन्य विरासत को एक दिलचस्प और प्रभावशाली तरीके से आधुनिक संदर्भ में सहेजने का एक शक्तिशाली माध्यम भी बनेगा। यह पहल, भारतीय सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को एक बड़े जनसमूह के सामने जीवंत रूप से प्रस्तुत करके, सेना और आम नागरिकों के बीच के महत्वपूर्ण जुड़ाव को और भी मज़बूत करेगी। यह स्मारक देश के लिए शहीद हुए वीरों को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, और 'स्मृतिका युद्ध स्मारक' को हमारी साझा सैन्य विरासत के एक राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में और भी ऊँचा दर्जा प्रदान करेगी। भारत की सैन्य विजयों का एक जीवंत और भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत करके, यह स्मारक हमारे बहादुर योद्धाओं के बलिदान को लगातार सम्मानित करता रहेगा, और साथ ही आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और प्रेरित भी करेगा।

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button