राजस्थानराज्‍य

अजमेर पुलिस का बड़ा खुलासा, इलाज के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब

By Admin|11 Apr 2026, 9:41 PM
f X W

अजमेर

Advertisement
Advertisement

अजमेर शहर में यूनानी थेरेपी के नाम पर बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी और ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।

बुजुर्ग को जाल में फंसाया
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित 62 वर्षीय हरीराम किशनचंद मूलचंदानी ने शिकायत दर्ज कराई थी। 26 मार्च को एक व्यक्ति ने उनके घुटनों के दर्द को देखकर सहानुभूति जताई और ‘डॉ. समीर जरीवाला’ नाम के कथित डॉक्टर से इलाज कराने का झांसा दिया। इसके बाद गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया।

आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया
फर्जी डॉक्टर घर पहुंचा और ‘सिंघी’ जैसे उपकरण से घुटने से मवाद निकालने का नाटक किया। आरोपियों ने 73 बार मवाद निकालने का दावा कर पीड़ित से कुल 4 लाख 39 हजार रुपये वसूल लिए और फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी हिमांशु जांगिड़ और डिप्टी एसपी शिवम जोशी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने अभय कमांड सेंटर सहित 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें गिरोह की लाल रंग की स्विफ्ट कार ट्रेस हुई। तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया गया, जहां वे एक और वारदात की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीन मोहम्मद (38), निवासी अंता बारां, मोहम्मद कादिर (28), निवासी अंता बारां (फर्जी डॉक्टर), और मोहम्मद आसिफ (35) निवासी विज्ञान नगर कोटा शामिल हैं।

READ ALSO  UP में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, फर्रुखाबाद-गोरखपुर समेत कई जिलों में जमकर बरसे बादल

पुलिस ने नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया
पुलिस ने आरोपियों के पास से 33,800 रुपये नकद, इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण, दवाइयां, स्प्रे, 12 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं।

एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों पर रेडियम टेप लगाने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे चलने-फिरने में असमर्थ या संपन्न बुजुर्गों को पहचानते और उनसे संपर्क कर ‘मददगार’ बनते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी डॉक्टर के पास भेजकर ठगी को अंजाम दिया जाता था। वारदात के बाद आरोपी सिम कार्ड नष्ट कर शहर छोड़ देते थे।

 

अगली खबर लोड हो रही है...

Related Articles

Back to top button
Play GK Quiz and Win Coins