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राजनांदगांव : डोंगरगढ़ थाना पर वर्दीधारी अधिकारियों पर लेन-देन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप …

By lokesh sharma|09 Apr 2026, 11:20 AM
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डोंगरगढ़। डोंगरगढ़ थाना एक बार फिर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित वीडियो ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। वीडियो में वर्दीधारी अधिकारियों के बीच “लेन-देन” कर मामले निपटाने के आरोप नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इसमें दिखाए गए दृश्य पूरे मामले को संवेदनशील बना रहे हैं। वीडियो की शुरुआत ही कई सवाल खड़े करती है। फुटेज में एक एएसआई, जिसे खूंटे के नाम से जाना जाता है, थाने के भीतर अपने मोबाइल फोन में एक महिला की तस्वीर ज़ूम करके देखता हुआ दिखाई दे रहा है। इस दृश्य ने पुलिसकर्मियों के आचरण और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। इसके बाद वीडियो में कथित तौर पर एक आरक्षक थाने के भीतर प्रवेश करता है और नगदी लेकर अपनी जेब में रखता दिखाई देता है।

वीडियो में आरोप हैं कि एएसआई बाद में बाहर आकर संबंधित व्यक्ति से और पैसों की मांग करता है और मामले को निपटाने की बात करता है। इस घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि यह सब कुछ थाने के भीतर हो रहा था, तो क्या थाना प्रभारी को इसकी भनक नहीं थी, या यह सब उनकी जानकारी में ही चल रहा था? अगर वीडियो सही पाया जाता है, तो कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिम्मेदारी की श्रृंखला को ऊपर तक तय करना जरूरी है, क्योंकि किसी भी थाने की गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी थाना प्रभारी की होती है। जमीनी स्तर पर इस तरह के आरोप विभागीय सख्ती और निगरानी पर भी सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय लोग भी इस वीडियो को लेकर पुलिस की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर संदेह जता रहे हैं। जनता के बीच एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या वर्दीधारी अधिकारियों की कथित ‘सौदेबाज़ी’ पर सख्त कार्रवाई होगी और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे।

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पुलिस विभाग ने फिलहाल यह स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो की जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर आरोप सही पाए गए, तो न केवल आरोपित एएसआई और आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी, बल्कि संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी व्यापक सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने आम जनता में पुलिस के प्रति अविश्वास बढ़ा दिया है। ऐसे मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच ही जनता का भरोसा बहाल कर सकती है। वहीं नागरिक संगठनों और मीडिया ने भी मामले को लेकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पुलिस के भीतर इस तरह के भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस विभाग इस वायरल वीडियो को लेकर कितनी तेज़ी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है और क्या वर्दीधारी अधिकारियों की कथित ग़लतियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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